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दस लाख की थी लॉयर्स कालोनी में हुई लूट
दस लाख की थी लॉयर्स कालोनी में हुई लूट
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:53 AM IST
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मेरठ में तमंचे के दम पर सर्राफा व्यापारी की दुकान पर लूट
- फोटो : self
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लायर्स कालोनी में जूता कारोबारी यशपाल महाजन के घर हुई लूट के मामले में फरार बदमाशों को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ पाई है। उधर पीड़ित कारोबारी ने पुलिस को वारदात के तीसरे दिन लूटे गए सामान की सूची सौंप दी। इसके मुताबिक बदमाश हीरे की दो अंगूठी, सोने के तीन कड़े, एक चेन और दो झुमके, चांदी की पायजेब और एक लाख कैश लूट गए थे। जेवरात करीब नौ लाख के थे।
पुलिस के सामने लुटेरों की गिरफ्तारी के साथ लूटे गए माल की बरामदगी की चुनौती है। फरार बदमाश तब भी नहीं पकड़े जा रहे हैं जबकि उनके नाम और पते ही नहीं फोटो तक पुलिस को मिल गए हैं। यह लूट मुरैना के हिस्ट्रीशीटर गौरव यादव ने अपने गैंग के साथ की थी। मौके से एक बदमाश पकड़ा गया था।
उसने अपना नाम सुनील तोमर निवासी बुआ का पुरा, थाना अख्खा, मुरैना (मध्य प्रदेश) बताया था। फरार साथियों के नाम भूपेश यादव निवासी बूढपुर, थाना धरिया, रेवाड़ी (हरियाणा) और गौरव यादव निवासी दुत्तापुरा, मुरैना (मध्य प्रदेश) बताए। यह भी माना जा रहा है कि गैंग के कुछ साथी आगरा के भी हो सकते हैं। पुलिस उन्हेें ट्रेस नहीं कर पाई है।
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--। वारदात केबाद भी कालोनी में गश्त नहीं
आगरा।
लायर्स कालोनी में दिन दहाड़े इतनी सनसनीखेज वारदात हो जाने केबाद भी पुलिस ने कालोनी में सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं किए हैं। सिर्फ पीड़ित कारोबारी के घर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा पूरी कालोनी में कहीं गश्त भी नहीं की जा रही है। यह हाल तब है जबकि इस वारदात में शामिल दो बदमाश अभी तक पकड़े भी नहीं गए हैं। यूपी 100 की गाड़ियों को शहर में रात दिन गश्त करने के लिए लगाया गया है लेकिन इसमें लायर्स कालोनी को शामिल नहीं किया गया है। बता दें , यहां डेढ़ साल पहले डकैती भी पड़ चुकी है। चेन स्नेचिंग की वारदात भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद कालोनी की सुरक्षा पर पुलिस का ध्यान नहीं है। कागजों में पिकेट की व्यवस्था है लेकिन कालोनी के लोगों का कहना है कि पुलिस कभी कभी आती है। लूट होने पर आला अफसर मौका मुआयना करने केलिए आए थे लेकिन बाद में कोई सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने नहीं आया।
पुलिस के सामने लुटेरों की गिरफ्तारी के साथ लूटे गए माल की बरामदगी की चुनौती है। फरार बदमाश तब भी नहीं पकड़े जा रहे हैं जबकि उनके नाम और पते ही नहीं फोटो तक पुलिस को मिल गए हैं। यह लूट मुरैना के हिस्ट्रीशीटर गौरव यादव ने अपने गैंग के साथ की थी। मौके से एक बदमाश पकड़ा गया था।
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उसने अपना नाम सुनील तोमर निवासी बुआ का पुरा, थाना अख्खा, मुरैना (मध्य प्रदेश) बताया था। फरार साथियों के नाम भूपेश यादव निवासी बूढपुर, थाना धरिया, रेवाड़ी (हरियाणा) और गौरव यादव निवासी दुत्तापुरा, मुरैना (मध्य प्रदेश) बताए। यह भी माना जा रहा है कि गैंग के कुछ साथी आगरा के भी हो सकते हैं। पुलिस उन्हेें ट्रेस नहीं कर पाई है।
--। वारदात केबाद भी कालोनी में गश्त नहीं
आगरा।
लायर्स कालोनी में दिन दहाड़े इतनी सनसनीखेज वारदात हो जाने केबाद भी पुलिस ने कालोनी में सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं किए हैं। सिर्फ पीड़ित कारोबारी के घर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा पूरी कालोनी में कहीं गश्त भी नहीं की जा रही है। यह हाल तब है जबकि इस वारदात में शामिल दो बदमाश अभी तक पकड़े भी नहीं गए हैं। यूपी 100 की गाड़ियों को शहर में रात दिन गश्त करने के लिए लगाया गया है लेकिन इसमें लायर्स कालोनी को शामिल नहीं किया गया है। बता दें , यहां डेढ़ साल पहले डकैती भी पड़ चुकी है। चेन स्नेचिंग की वारदात भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद कालोनी की सुरक्षा पर पुलिस का ध्यान नहीं है। कागजों में पिकेट की व्यवस्था है लेकिन कालोनी के लोगों का कहना है कि पुलिस कभी कभी आती है। लूट होने पर आला अफसर मौका मुआयना करने केलिए आए थे लेकिन बाद में कोई सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने नहीं आया।