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Agra: नॉन ब्रांडेड खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी लगाने का विरोध, करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार रहा प्रभावित

अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 17 Jul 2022 10:08 AM IST
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सार

व्यापारियों ने कहा कि कोरोना काल से लोग उबर नहीं पाए हैं। उन्हें रियायत की जगह सरकार जीएसटी का बोझ डाल रही है। सब्जी, रिफाइंड और खाद्य वस्तुओं की महंगाई रिकार्ड तोड़ रही है।

Opposition to imposition of GST on non-branded food items agra hindi news
गल्ला मंडी रही बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा में नॉन ब्रांडेड खाद्य वस्तुओं आटा, दाल, चावल, सूजी, मैदा, दही आदि पर जीएसटी लगाने के विरोध में शनिवार को शहर के गल्ला व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। 475 से ज्यादा गल्ला व्यापारियों ने थोक बाजार श्रीमोती गंज बाजार को बंद रखा, वहीं फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी की दुकानों, गोदामों पर ताले लगे रहे। इस बंदी से 8 से 10 करोड़ रुपये का गल्ला कारोबार प्रभावित हुआ है। रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण गल्ला मंडी बंद रहेगी।



शनिवार को गल्ला व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले। मोतीगंज बाजार में 250 और फिरोजाबाद रोड की नवीन गल्ला मंडी में 225 व्यापारी हैं। व्यापारियों ने कहा कि कोरोना काल से लोग उबर नहीं पाए हैं। उन्हें रियायत की जगह सरकार जीएसटी का बोझ डाल रही है। सब्जी, रिफाइंड और खाद्य वस्तुओं की महंगाई रिकार्ड तोड़ रही है।

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जीएसटी में कमी करनी चाहिए

जीएसटी कलेक्शन 1.68 लाख करोड़ तक पहुंचा है तो सरकार को उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए जीएसटी में कमी करनी चाहिए। - रमन लाल गोयल, अध्यक्ष, श्रीमोतीगंज बाजार कमेटी

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ऐसा करना ठीक नहीं

ऐसा कभी नहीं हुआ, जब आटा, चावल, दालों पर जीएसटी लगाया गया हो। एक तरफ जब जीएसटी उम्मीद से ज्यादा सरकार का खजाना भर रहा है, तब ऐसा करना ठीक नहीं। - जय प्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा खाद्य व्यापार समिति

होटल और लेदर से जीएसटी वापस करने की मांग

आगरा व्यापार मंडल ने वित्त मंत्री से जीएसटी की बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की है। अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने कहा कि बजट क्लास होटलों में ही एक हजार रुपये तक के कमरे उपलब्ध होते हैं। उन पर 12 फीसदी जीएसटी से यह महंगा हो जाएगा, इसलिए यह तुरंत वापस लिया जाए। इसी तरह लेदर पर 5 से बढ़ाकर 12 फीसदी जीएसटी करने का फैसला भी वापस लिया जाना चाहिए। 

व्यापारियों ने कहा कि कोरोना काल से लोग उबर नहीं पाए हैं। उन्हें रियायत की जगह सरकार जीएसटी का बोझ डाल रही है। सब्जी, रिफाइंड और खाद्य वस्तुओं की महंगाई रिकार्ड तोड़ रही है।
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