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Aligarh News: धूप में इंतजार, पानी के लिए कतार..यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:29 AM IST
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बस स्टैंड पर धूप में बैठकर बस का इंतजार करते यात्री।
- फोटो : samvad
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सारसौल चौराहा स्थित सैटेलाइट बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधाओं की पोल खुल गई है। भीषण गर्मी में यात्री खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। न पर्याप्त छांव है, न बैठने की व्यवस्था और न ही पर्याप्त पेयजल सुविधा। दोपहर के समय हालात और भी खराब नजर आए, जब यात्री धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करते दिखे।
बस स्टैंड पर एक हैंडपंप और एक वाटर कूलर तो मौजूद है, लेकिन बढ़ती भीड़ के आगे यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। पानी के लिए यात्रियों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। महिला यात्रियों और बुजुर्गों को शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यहां से दिल्ली, नोएडा, मेरठ, देहरादून, फरीदाबाद, गुरुग्राम, बरेली और मुरादाबाद समेत कई शहरों के लिए रोजाना बसों का संचालन होता है। करीब 20 हजार यात्री प्रतिदिन यहां से सफर करते हैं, जबकि आसपास के क्षेत्रों से भी लगभग 10 हजार लोग पहुंचते हैं। यात्रियों का कहना है कि सुविधाएं उनके अनुपात में विकसित नहीं की गई हैं। परिसर में जगह-जगह गंदगी और धूल के कारण स्थिति और खराब हो जाती है।
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निर्माण के बीच परेशानियां
पीपीपी मॉडल पर बन रहे बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले यात्री सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया। टिन शेड लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। निर्माण सामग्री और अव्यवस्थित रास्तों के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीपीपी माॅडल पर बस स्टैंड का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण की अवधि में बसों का संचालन बस स्टैंड के बराबर वाली जमीन से किया जाएगा। इसके लिए यहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
- सत्येंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
बस स्टैंड पर एक हैंडपंप और एक वाटर कूलर तो मौजूद है, लेकिन बढ़ती भीड़ के आगे यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। पानी के लिए यात्रियों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। महिला यात्रियों और बुजुर्गों को शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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यहां से दिल्ली, नोएडा, मेरठ, देहरादून, फरीदाबाद, गुरुग्राम, बरेली और मुरादाबाद समेत कई शहरों के लिए रोजाना बसों का संचालन होता है। करीब 20 हजार यात्री प्रतिदिन यहां से सफर करते हैं, जबकि आसपास के क्षेत्रों से भी लगभग 10 हजार लोग पहुंचते हैं। यात्रियों का कहना है कि सुविधाएं उनके अनुपात में विकसित नहीं की गई हैं। परिसर में जगह-जगह गंदगी और धूल के कारण स्थिति और खराब हो जाती है।
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पीपीपी मॉडल पर बन रहे बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले यात्री सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया। टिन शेड लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। निर्माण सामग्री और अव्यवस्थित रास्तों के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीपीपी माॅडल पर बस स्टैंड का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण की अवधि में बसों का संचालन बस स्टैंड के बराबर वाली जमीन से किया जाएगा। इसके लिए यहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
- सत्येंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज