सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   46.7 : up the mercury , suffering from all

46.7 : चढ़ा रहा पारा, बेहाल शहर सारा 

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 19 May 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
46.7 : up the mercury , suffering from all
तापमान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम वायु दाब के क्षेत्र से चेन्नई, आंध्र प्रदेश सहित समुद्रतटीय इलाकों में भले ही बारिश ने लोगों को राहत दी हो लेकिन जिले में गर्मी अभी कुछ दिनों तक राहत देने वाली नहीं है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले अच्छी तरह सोच लें। बाहर निकलने परे हीट स्ट्रोक की चपेट में आने की संभावना हो सकती है। पिछले तीन दिनों से सूर्य देवता धरती की तरफ दौड़े चले आ रहे हैं। तापमान रोज नए रिकार्ड बनाने पर उतारू है। बाहर जो निकल रहा है वह बेहाल हो रहा है। कई लोग उल्टी, दस्त व पेट में ऐंठन के शिकार हैं। कई लोग बेहोशी की हालत में स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, कॉल्विन सहित चिल्ड्रेन अस्पताल पहुंचाए गए। बच्चे गर्मी की जद में जल्दी आ रहे हैं। बुधवार को गर्मी की चपेट में आने वाले आधा दर्जन बच्चों को भर्ती किया गया है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी गर्मी की चपेट में आये लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।


बुधवार को तापमान ने सोमवार और मंगलवार की तरह 46 डिग्री सेल्सियस के पार रहकर नया रिकार्ड कायम किया। बुधवार को पारा 46.7 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह मंगलवार से 0.1 डिग्री अधिक है। यह औसत तापमान से छह डिग्री अधिक है। हालांकि रात के तापमान ने राहत दी है। रात का तापमान मंगलवार के 31.7 डिग्री से 3.9 डिग्री गिरकर 27.8 पर आ गया। इससे लोगों को रात में तो राहत मिली लेकिन दिन के तापमान ने झुलसा दिया। लोग सुबह से ही बाहर निकलने से बचते नजर आए। जो लोग निकले उनमें से कई गर्मी की चपेट में आकर बेहोश हो गए और अस्पताल पहुंच गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

बच्चों को गर्मी ने अधिक चपेट में लिया। हालांकि स्कूलों में छुट्टी होने से राहत रही। चिल्ड्रेन अस्पताल की अध्यक्ष डॉ. अनुभा कहती हैं कि ओपीडी में बुधवार को गर्मी की चपेट में आए दर्जनों बच्चों का उपचार किया गया। आधा दर्जन से अधिक बच्चे भर्ती भी हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में बच्चों को संभालकर रखने की जरूरत है। इलाहाबाद में तापमान इतना ऊंचा रहने की वजह विज्ञानी चारों तरफ से नदियों से घिरा होना मानते हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

 

उनका कहना है कि जिले का बड़ा भू-भाग रेतीला है। रेत जल्दी और ज्यादा गर्म होती है। नदियों के होने से वाष्पन होना भी एक बड़ा कारण है। शंकरगढ़ का इलाका पठारी होने से यहां गर्मी और जिलों के मुकाबले ज्यादा पड़ती है। इलाहाबाद विवि के मौसम विज्ञानी डॉ. सुनीत द्विवेदी कहते हैं कि तापमान अगर ऐसे ही तीन-चार दिनों तक बना रहा तो बारिश होने की संभावना अधिक हो जाएगी। 

तीन दिनों का तापमान
- 16 मई 
अधिकतम -46.6 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम  - 29.2 डिग्री सेल्सियस
- 17 मई 
अधिकतम -46.5 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम  - 31.7 डिग्री सेल्सियस
- 18 मई 
अधिकतम -46.7 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम  - 27.8 डिग्री सेल्सियस

बचाव के उपाय
0 लगातार पानी पीते रहे
0 बाहर निकलने से बचें
0 सूती और ढीले कपड़े पहने
0 सिर में टोपी, तौलिया बांधे
0 आंखों पर काला चश्मा लगाएं
0 खीरा, ककड़ी, तरबूज सहित मौसम फल खूब खाएं
 0 एसी, कूलर से तुरंत धूप में न निकलें
0 खाली पेट बाहर न निकले
0 गर्मी लगने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
बाहर निकलने से बचे
11 से चार बजे

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed