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कंडक्टर की सीट पर नहीं लगेगा पैसेंजर टैक्स, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 08 Jan 2019 09:46 PM IST
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हाईकोर्ट ने कहा कि यात्री बस में कंडक्टर और चालक की सीट पर यात्री कर लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। इससे संबंधित 28 अक्तूबर 2009 की अधिसूचना के क्लाज 3(ख) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। कोर्ट ने इस क्लाज की वैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।
कोर्ट का कहना था कि अधिसूचना से स्पष्ट है कि बस का चालक, कंडक्टर, संचालक और स्टॉफ यदि पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा कर रहे हैं तो वह यात्री नहीं माने जाएंगे। याची ने सिर्फ आशंका के आधार पर याचिका दाखिल की है।
बस संचालक विक्रांत चौधरी की याचिका पर न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ सुनवाई कर रही है। स्थायी अधिवक्ता निमाई दास ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची से किसी अधिकारी ने पैसेंजर टैक्स की मांग नहीं की है।
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याचिका समय से पहले दाखिल कर दी गई इसलिए पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याची पीड़ित नहीं है, क्योंकि उससे टैक्स की मांग नहीं की गई है, न ही उपबंध में ऐसा कुछ है। इसलिए याचिका पर हस्तक्षेप का आधार नहीं है।
कोर्ट का कहना था कि अधिसूचना से स्पष्ट है कि बस का चालक, कंडक्टर, संचालक और स्टॉफ यदि पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा कर रहे हैं तो वह यात्री नहीं माने जाएंगे। याची ने सिर्फ आशंका के आधार पर याचिका दाखिल की है।
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बस संचालक विक्रांत चौधरी की याचिका पर न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ सुनवाई कर रही है। स्थायी अधिवक्ता निमाई दास ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची से किसी अधिकारी ने पैसेंजर टैक्स की मांग नहीं की है।
याचिका समय से पहले दाखिल कर दी गई इसलिए पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याची पीड़ित नहीं है, क्योंकि उससे टैक्स की मांग नहीं की गई है, न ही उपबंध में ऐसा कुछ है। इसलिए याचिका पर हस्तक्षेप का आधार नहीं है।