{"_id":"6a15719fc2f8397dc209d4bd","slug":"up-news-fir-filed-against-hospital-manager-allegations-of-using-same-injection-on-multiple-patients-2026-05-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: कई मरीजों को एक ही इंजेक्शन लगाने का आरोप, अस्पताल प्रबंधक पर एफआईआर; अस्पताल ने दी ये सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: कई मरीजों को एक ही इंजेक्शन लगाने का आरोप, अस्पताल प्रबंधक पर एफआईआर; अस्पताल ने दी ये सफाई
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 26 May 2026 03:40 PM IST
विज्ञापन
सार
प्रयागराज के एक अस्पताल में कई मरीजों को एक ही इंजेक्शन लगाने का आरोप लगा है। अस्पताल प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज की गई है। आयुष्मान कार्ड से चल रहे इलाज में 18 हजार रुपये लेने का भी आरोप लगा है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
प्रयागराज के धूमनगंज के झलवा स्थित शंभूनाथ अस्पताल में कई मरीजों को एक ही इंजेक्शन से दवा लगाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल का एक कर्मचारी मरीजों को इंजेक्शन लगा रहा था। मना करने पर वह फरार हो गया। धूमनगंज पुलिस ने अस्पताल के प्रबंधक और कर्मचारी राजीव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
गौसपुर निवासी रौनित गुप्ता ने आरोप लगाया कि वह 20 मई को इलाज के लिए शंभूनाथ अस्पताल में भर्ती हुआ था। उसका इलाज आयुष्मान कार्ड के तहत चल रहा था लेकिन अस्पताल ने उससे 18 हजार रुपये नकद ले लिए।
Trending Videos
गौसपुर निवासी रौनित गुप्ता ने आरोप लगाया कि वह 20 मई को इलाज के लिए शंभूनाथ अस्पताल में भर्ती हुआ था। उसका इलाज आयुष्मान कार्ड के तहत चल रहा था लेकिन अस्पताल ने उससे 18 हजार रुपये नकद ले लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार सुबह करीब छह बजे उसने देखा कि अस्पताल का एक कर्मचारी एक ही इंजेक्शन से कई मरीजों को दवा लगा रहा था। आरोप है कि कर्मचारी ने उसे भी वही इंजेक्शन लगा दिया। विरोध और पूछताछ करने पर वह फरार हो गया।
रौनित गुप्ता के मुताबिक, परिजनों ने जब घटना की जानकारी अस्पताल प्रबंधक को दी तो उन्होंने मामले को दबाने का प्रयास किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में कैद है।
अस्पताल डायरेक्टर आरके सिंह एमडी ने बताया कि मरीज के हाथ में गंभीर चोट थी। उनके पास आयुष्मान कार्ड था लेकिन उन्होंने सरकार की ओर से तय दर से अधिक कीमत वाला उपकरण स्वयं अपनी इच्छा से लगवाया। इसी कारण उनसे अतिरिक्त शुल्क लिया गया। कई मरीजों पर एक ही इंजेक्शन लगाने का आरोप बेबुनियाद है।
धूमनगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि अस्पताल प्रबंधक समेत अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।