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छात्रों के ज्ञान पर होगा गुरुजी का मूल्यांकन
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:32 PM IST
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परिषदीय स्कूलों के होनहार सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए सरकार द्वारा जहां करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं वहीं नियमों में सुधार भी किया जा रहा है। ताकि परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के साथ ही शैक्षिक स्तर को भी ऊंचा उठाया जा सके। इसके लिए शासन स्तर पर हर माह छात्रों को पढ़ाए जाने वाले वाले पाठ्यक्रम को तैयार कर लिया गया है। माह में जब अधिकारी विद्यालय पर जांच करने के लिए जाएंगे तो उस महीने में शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर ही छात्रों का परीक्षण करेंगे।
इसी क्रम में शिक्षा निदेशक बेसिक दिनेश बाबू राम ने 18 अप्रैल को प्रदेश के समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक और प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को पत्र जारी कर नए नियमों की कापी भेजी है। जिसमें यह निर्धारित किया है कि शिक्षक किस महीने बच्चों को क्या पढ़ाएंगे। इसके अलावा जब कोई अधिकारी किसी विद्यालय पर निरीक्षण करने पहुंचेगा तो वह किन-किन चीजों की जांच करेगा।
जांच के उपरांत उक्त अधिकारी तीन दिनों के अंदर विभाग द्वारा डेवलप साफ्टवेयर पर आख्या रिपोर्ट अपलोड करेगा। जांचकर्ता अधिकारी को निरीक्षण को एक फार्म मिलेगा, जिसमें उसे विकास खंड के साथ विद्यालय का नाम, प्रधानाध्यापक का नाम और मोबाइल नंबर, कक्षावार छात्रों का नामांकन और उपस्थिति, कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों की संख्या ओर उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके उपरांत यह जांच की जाएगी कि क्या विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा आयोजित होती है।
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विद्यालय में घंटावार समय सारणी प्रदर्शित है या नहीं, माहवार पाठ्यक्रम विभाजन के अनुसार शिक्षण कार्य हो रहा है या नहीं, विषयवार अधिगम संकेतकों को दृष्टिगत रखते हुए पाठयोजना अध्यापक द्वारा तैयार की गई है या नहीं। निरीक्षण के दौरान अधिकारी द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम तीन कक्षाओं का निरीक्षण किया जाएगा। इसमें कक्षा एक के छात्रों का हिंदी अक्षर का ज्ञान, अंकों का ज्ञान, हिंदी के पाठ का वाचन, हिंदी में लेखन, गिनती और पहाड़े का ज्ञान, सामान्य ज्ञान, गणित प्रश्न के सामूहिक प्रश्न का उत्तर देने वाले छात्रों का प्रतिशत दर्ज करना होगा। निरीक्षणकर्ता को उच्च प्राथमिक विद्यालयों की तीनों कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा।
इसमें छात्रों के हिंदी और अंग्रेजी का वाचन लेखन, विज्ञान विषय का ज्ञान, सामान्य ज्ञान, सामूहिक रूप से दिए गए गणित प्रश्न के उत्तर देने वाले छात्रों का प्रतिशत कैसा है इसकी जानकारी की जाएगी। इसके अलावा अन्य भी कई विंदुओं पर जांच की जाएगी। जिसमें यह भी पता किया जाएगा कि अध्यापकों द्वारा बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया जाता हैैैै कि नहीं और छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियां अभिभावकों से साझा की जाती है कि इसकी भी जांच की जाएगी। इन सूचनाओं को जांचकर्ता अधिकारी को शासन द्वारा बनाई गई साइट पर अपलोड करना होगा।
इसी क्रम में शिक्षा निदेशक बेसिक दिनेश बाबू राम ने 18 अप्रैल को प्रदेश के समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक और प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को पत्र जारी कर नए नियमों की कापी भेजी है। जिसमें यह निर्धारित किया है कि शिक्षक किस महीने बच्चों को क्या पढ़ाएंगे। इसके अलावा जब कोई अधिकारी किसी विद्यालय पर निरीक्षण करने पहुंचेगा तो वह किन-किन चीजों की जांच करेगा।
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जांच के उपरांत उक्त अधिकारी तीन दिनों के अंदर विभाग द्वारा डेवलप साफ्टवेयर पर आख्या रिपोर्ट अपलोड करेगा। जांचकर्ता अधिकारी को निरीक्षण को एक फार्म मिलेगा, जिसमें उसे विकास खंड के साथ विद्यालय का नाम, प्रधानाध्यापक का नाम और मोबाइल नंबर, कक्षावार छात्रों का नामांकन और उपस्थिति, कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों की संख्या ओर उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके उपरांत यह जांच की जाएगी कि क्या विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा आयोजित होती है।
विद्यालय में घंटावार समय सारणी प्रदर्शित है या नहीं, माहवार पाठ्यक्रम विभाजन के अनुसार शिक्षण कार्य हो रहा है या नहीं, विषयवार अधिगम संकेतकों को दृष्टिगत रखते हुए पाठयोजना अध्यापक द्वारा तैयार की गई है या नहीं। निरीक्षण के दौरान अधिकारी द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम तीन कक्षाओं का निरीक्षण किया जाएगा। इसमें कक्षा एक के छात्रों का हिंदी अक्षर का ज्ञान, अंकों का ज्ञान, हिंदी के पाठ का वाचन, हिंदी में लेखन, गिनती और पहाड़े का ज्ञान, सामान्य ज्ञान, गणित प्रश्न के सामूहिक प्रश्न का उत्तर देने वाले छात्रों का प्रतिशत दर्ज करना होगा। निरीक्षणकर्ता को उच्च प्राथमिक विद्यालयों की तीनों कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा।
इसमें छात्रों के हिंदी और अंग्रेजी का वाचन लेखन, विज्ञान विषय का ज्ञान, सामान्य ज्ञान, सामूहिक रूप से दिए गए गणित प्रश्न के उत्तर देने वाले छात्रों का प्रतिशत कैसा है इसकी जानकारी की जाएगी। इसके अलावा अन्य भी कई विंदुओं पर जांच की जाएगी। जिसमें यह भी पता किया जाएगा कि अध्यापकों द्वारा बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया जाता हैैैै कि नहीं और छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियां अभिभावकों से साझा की जाती है कि इसकी भी जांच की जाएगी। इन सूचनाओं को जांचकर्ता अधिकारी को शासन द्वारा बनाई गई साइट पर अपलोड करना होगा।