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किताबी ज्ञान के साथ बेटियों को हुनरमंद भी बनाए: राज्यपाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:26 AM IST
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बाराबंकी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को किशोरी संप्रेक्षण गृह का दौरा किया। उन्होंने संवासिनियों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए नवनिर्मित कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया। राज्यपाल के सामने ही 34 संवासिनियों व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बंकी की छह छात्राओं को सर्वाइकल से बचाने के लिए टीकाकरण किया गया।
दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर शहर के आवास विकास कॉलोनी में स्थित किशोरी संप्रेक्षण गृह में पहुंची राज्यपाल का स्वागत खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने किया। राज्यपाल ने संप्रेक्षण गृह की पूरी व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने संवासिनियों का हालचाल लेते हुए उनसे संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक व रोजगार परक शिक्षा से जीवन संवारा जा सकता है।
बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है, बेटियों को हुनरमंद बनाने के लिए सिलाई और कढ़ाई की कक्षाएं भी शुरू की जाएं। उन्होंने संवासिनियों को किताबें पढ़ने की आदत डालने और उनके पसंदीदा पात्रों के नोट्स बनाने की सलाह दी। अपने बीच राज्यपाल को पाकर संवासिनियों ने भी उनसे संवाद किया।
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इस मौके पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बंकी की कक्षा 11 की छात्रा प्रिया, कक्षा 10 की मानसी व कक्षा नौ की सानिया से राज्यपाल ने संवाद किया। जब राज्यपाल ने उनसे भविष्य के लक्ष्यों और विद्यालय के माहौल के बारे में पूछा तो इन बेटियों ने कहा कि वे आईएएस बनना चाहती हैं।
राज्यपाल ने यहां कंप्यूटर लैब का उद्धाटन किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक कंप्यूटर पर दो-दो संवासिनियों को बैठाकर चार से पांच शिफ्ट में पढ़ाया जाय। राज्यपाल ने शिक्षकों और स्टाॅफ से कहा कि केवल उत्तर लिखवा देने की पुरानी परिपाटी अब नहीं चलेगी। उन्होंने छात्राओं को सचेत किया कि कक्षा आठ और नौ तक तो स्कूल स्तर पर काम चल जाता है, लेकिन 10वीं में बोर्ड परीक्षा का सेंटर बाहर जाएगा। वहां साल भर की गई असली पढ़ाई ही काम आएगी।
इस मौके पर राज्यपाल ने डीएम ईशान प्रताप सिंह, एसपी अर्पित विजयवर्गीय, सीडीओ अन्ना सुदन और जाॅइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ आगमन
राज्यपाल के आगमन को लेकर जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल, एएसपी (उत्तरी), कई क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों के साथ ट्रैफिक पुलिस तैनात रही। सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह बैरियर भी लगाए गए थे।
दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर शहर के आवास विकास कॉलोनी में स्थित किशोरी संप्रेक्षण गृह में पहुंची राज्यपाल का स्वागत खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने किया। राज्यपाल ने संप्रेक्षण गृह की पूरी व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने संवासिनियों का हालचाल लेते हुए उनसे संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक व रोजगार परक शिक्षा से जीवन संवारा जा सकता है।
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बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है, बेटियों को हुनरमंद बनाने के लिए सिलाई और कढ़ाई की कक्षाएं भी शुरू की जाएं। उन्होंने संवासिनियों को किताबें पढ़ने की आदत डालने और उनके पसंदीदा पात्रों के नोट्स बनाने की सलाह दी। अपने बीच राज्यपाल को पाकर संवासिनियों ने भी उनसे संवाद किया।
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इस मौके पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बंकी की कक्षा 11 की छात्रा प्रिया, कक्षा 10 की मानसी व कक्षा नौ की सानिया से राज्यपाल ने संवाद किया। जब राज्यपाल ने उनसे भविष्य के लक्ष्यों और विद्यालय के माहौल के बारे में पूछा तो इन बेटियों ने कहा कि वे आईएएस बनना चाहती हैं।
राज्यपाल ने यहां कंप्यूटर लैब का उद्धाटन किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक कंप्यूटर पर दो-दो संवासिनियों को बैठाकर चार से पांच शिफ्ट में पढ़ाया जाय। राज्यपाल ने शिक्षकों और स्टाॅफ से कहा कि केवल उत्तर लिखवा देने की पुरानी परिपाटी अब नहीं चलेगी। उन्होंने छात्राओं को सचेत किया कि कक्षा आठ और नौ तक तो स्कूल स्तर पर काम चल जाता है, लेकिन 10वीं में बोर्ड परीक्षा का सेंटर बाहर जाएगा। वहां साल भर की गई असली पढ़ाई ही काम आएगी।
इस मौके पर राज्यपाल ने डीएम ईशान प्रताप सिंह, एसपी अर्पित विजयवर्गीय, सीडीओ अन्ना सुदन और जाॅइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ आगमन
राज्यपाल के आगमन को लेकर जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल, एएसपी (उत्तरी), कई क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों के साथ ट्रैफिक पुलिस तैनात रही। सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह बैरियर भी लगाए गए थे।