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Bareilly News: भरण-पोषण से बचने के लिए बहन के नाम की जमीन, अब प्रशासन करेगा वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:30 AM IST
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बरेली। संभल के युवक को पत्नी के भरण-पोषण का तीन साल का बकाया 2,69,500 रुपये की भरपाई जमीन बेचकर करनी होगी। पारिवारिक न्यायालय के अपर प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार सिंह की अदालत ने यह आदेश देते हुए संभल के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया है। इसके लिए 17 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की है।
12 जुलाई 2023 को बरेली की महिला के लिए 3000 व उसके बच्चे के लिए 2500 रुपये का खर्च देने का आदेश हुआ था। इसके बाद 22 सितंबर 2025 को महिला की ओर से एक आवेदन आया कि उसे व बच्चे को अब तक खर्च नहीं दिया गया। इसके बाद कोर्ट की ओर से विपक्षी से पूछताछ हुई। विपक्षी की ओर से कहा गया कि उनके पास संभल में मात्र तीन हेक्टेयर जमीन है, जो बहन के नाम है।
पक्षकार महिला ने कहा कि खर्च न देना पड़े, इसलिए जमीन बहन के नाम की गई। इसके बाद विपक्षी की बहन ने भी कई तर्क दिए पर कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर सकी। अब कोर्ट ने विपक्षी को भुगतान का आदेश दिया है। संभल के जिला मजिस्ट्रेट को विपक्षी की जमीन बेचकर पत्नी व बच्चे का खर्च दिलाने का आदेश दिया है।
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दहेज उत्पीड़न के दो अलग-अलग मामलों में छह आरोपी बरी
बरेली। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (कक्ष संख्या-तीन) श्वेता श्रीवास्तव ने दहेज उत्पीड़न के दो अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को शनिवार को बरी कर दिया। दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिलाएं कोर्ट में अपने बयान से मुकर गईं।
महिला थाने में प्रीति कुमारी ने 20 जून 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी 11 मार्च 2019 को अजय गौतम से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपये और बुलेट बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। उसकी हत्या की कोशिश की। 15 अक्तूबर 2019 को पति अजय गौतम, ससुर मुन्नालाल, सास राजो देवी, देवर अमित कुमार, ननद ज्योति व अंजली, जेठ मनोज, मुरारीलाल व टोनी उर्फ परवीन ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने अजय, मुन्ना लाल और राजो देवी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान प्रीति कुमारी बयान से मुकर गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया।
राजेश्वरी ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी 18 फरवरी 2018 को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के डोहरिया गांव निवासी अनिल कुमार से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। आठ मई 2018 को ससुराल वालों ने पीटकर घर से निकाल दिया। पुलिस ने पति अनिल, सास फूला देवी, जेठानी बबिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान राजेशवरी बयान से पलट गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपियों को बरी कर दिया।
जरी कारोबार बढ़ाने के लिए लिया 10 लाख का ऋण, फिर तोड़ दीं अनुबंध की शर्तें
बरेली। जरी के कारोबार को बढ़ाने के लिए कारोबारी ने बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लिया। ऋण के रुपये का इस्तेमाल भी किया, लेकिन अनुबंध की शर्तों को तोड़ दिया। बैंक ने इसके खिलाफ कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के बाद शनिवार को अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन श्वेता श्रीवास्तव ने बैंक में पक्ष में फैसला सुनाया है। जरी कारोबारी को अब वाद दायर होने से भुगतान तक कुल रकम पर 11.45 फीसदी ब्याज भी देना होगा। अन्यथा की स्थिति में वादी बैंक अदालत के जरिये आदेश का अनुपालन कराने का अधिकारी होगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा (पूर्व नाम विजया बैंक) के क्षेत्रीय कार्यालय सिविल लाइंस के मुख्य वरिष्ठ प्रबंधक रोहित मिश्रा ने इंडिया जरी आर्ट के प्रोपराइटर बरेली के केसरपुर निवासी बाबू उर्फ बाबू बख्श खिलाफ वाद दायर किया था। बताया कि उसने 11 अगस्त 2015 को व्यापार बढ़ाने के लिए बैंक से 10 हजार रुपये का ऋण लिया था। कैश क्रेडिट सुविधा योजना के तहत 9.45 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज मासिक अंतराल पर और भुगतान में चूक पर दो प्रतिशत दंडात्मक ब्याज की भी शर्त थी। ऋण लेने के बाद उसने अनुबंध शर्तों का उल्लंघन किया। ब्याज जमा नहीं किया और बंधक स्टॉक, बिक्री आदि का विवरण भी नहीं दिया।
बार-बार नोटिस के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। 12 अगस्त 2021 को फर्म पर 17.17 लाख रुपये से ज्यादा की बकायेदारी हो गई। सुनवाई के दौरान वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने बैंक के पक्ष में एकपक्षीय आदेश दिया है।
12 जुलाई 2023 को बरेली की महिला के लिए 3000 व उसके बच्चे के लिए 2500 रुपये का खर्च देने का आदेश हुआ था। इसके बाद 22 सितंबर 2025 को महिला की ओर से एक आवेदन आया कि उसे व बच्चे को अब तक खर्च नहीं दिया गया। इसके बाद कोर्ट की ओर से विपक्षी से पूछताछ हुई। विपक्षी की ओर से कहा गया कि उनके पास संभल में मात्र तीन हेक्टेयर जमीन है, जो बहन के नाम है।
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पक्षकार महिला ने कहा कि खर्च न देना पड़े, इसलिए जमीन बहन के नाम की गई। इसके बाद विपक्षी की बहन ने भी कई तर्क दिए पर कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर सकी। अब कोर्ट ने विपक्षी को भुगतान का आदेश दिया है। संभल के जिला मजिस्ट्रेट को विपक्षी की जमीन बेचकर पत्नी व बच्चे का खर्च दिलाने का आदेश दिया है।
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दहेज उत्पीड़न के दो अलग-अलग मामलों में छह आरोपी बरी
बरेली। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (कक्ष संख्या-तीन) श्वेता श्रीवास्तव ने दहेज उत्पीड़न के दो अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को शनिवार को बरी कर दिया। दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिलाएं कोर्ट में अपने बयान से मुकर गईं।
महिला थाने में प्रीति कुमारी ने 20 जून 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी 11 मार्च 2019 को अजय गौतम से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपये और बुलेट बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। उसकी हत्या की कोशिश की। 15 अक्तूबर 2019 को पति अजय गौतम, ससुर मुन्नालाल, सास राजो देवी, देवर अमित कुमार, ननद ज्योति व अंजली, जेठ मनोज, मुरारीलाल व टोनी उर्फ परवीन ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने अजय, मुन्ना लाल और राजो देवी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान प्रीति कुमारी बयान से मुकर गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया।
राजेश्वरी ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी 18 फरवरी 2018 को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के डोहरिया गांव निवासी अनिल कुमार से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। आठ मई 2018 को ससुराल वालों ने पीटकर घर से निकाल दिया। पुलिस ने पति अनिल, सास फूला देवी, जेठानी बबिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान राजेशवरी बयान से पलट गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपियों को बरी कर दिया।
जरी कारोबार बढ़ाने के लिए लिया 10 लाख का ऋण, फिर तोड़ दीं अनुबंध की शर्तें
बरेली। जरी के कारोबार को बढ़ाने के लिए कारोबारी ने बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लिया। ऋण के रुपये का इस्तेमाल भी किया, लेकिन अनुबंध की शर्तों को तोड़ दिया। बैंक ने इसके खिलाफ कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के बाद शनिवार को अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन श्वेता श्रीवास्तव ने बैंक में पक्ष में फैसला सुनाया है। जरी कारोबारी को अब वाद दायर होने से भुगतान तक कुल रकम पर 11.45 फीसदी ब्याज भी देना होगा। अन्यथा की स्थिति में वादी बैंक अदालत के जरिये आदेश का अनुपालन कराने का अधिकारी होगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा (पूर्व नाम विजया बैंक) के क्षेत्रीय कार्यालय सिविल लाइंस के मुख्य वरिष्ठ प्रबंधक रोहित मिश्रा ने इंडिया जरी आर्ट के प्रोपराइटर बरेली के केसरपुर निवासी बाबू उर्फ बाबू बख्श खिलाफ वाद दायर किया था। बताया कि उसने 11 अगस्त 2015 को व्यापार बढ़ाने के लिए बैंक से 10 हजार रुपये का ऋण लिया था। कैश क्रेडिट सुविधा योजना के तहत 9.45 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज मासिक अंतराल पर और भुगतान में चूक पर दो प्रतिशत दंडात्मक ब्याज की भी शर्त थी। ऋण लेने के बाद उसने अनुबंध शर्तों का उल्लंघन किया। ब्याज जमा नहीं किया और बंधक स्टॉक, बिक्री आदि का विवरण भी नहीं दिया।
बार-बार नोटिस के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। 12 अगस्त 2021 को फर्म पर 17.17 लाख रुपये से ज्यादा की बकायेदारी हो गई। सुनवाई के दौरान वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने बैंक के पक्ष में एकपक्षीय आदेश दिया है।