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'महामहिम, मुझे और मेरी बेटियों को मौत चाहिए'
बिजनौर/ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2013 02:03 AM IST
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उत्तरप्रदेश के बिजनौर में लंबी बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक व्यक्ति ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर दो मासूम बेटियों के साथ इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी है।
मुहल्ला हिंदू चौधरियान निवासी राजू शर्मा वर्धमान टॉकिज में ऑपेटर का काम करने के साथ ही घर पर परचून की दुकान चलाता था। परिवार में पत्नी आशा, बेटी कंचन (4) और कशिश (2) हैं। डेढ़ वर्ष पूर्व उसके परिवार की खुशियों को नजर लग गई।
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हड्डियों की टीबी से उसके शरीर ने काम करना बंद कर दिया, और वह तब से बिस्तर पर है। इलाज में धीरे-धीरे सब कुछ बिक गया। रिश्तेदारों और मिलने वालो ने भी मदद से हाथ खींच लिए। दिक्कत यहीं खत्म नहीं हुई।
उसने अपने अच्छे दिनों में अपने एक मित्र को 1.24 लाख रुपये दिए थे। बुरा वक्त शुरू होते ही मित्र ने भी रकम देने से इंकार कर दिया। लगातार बिस्तर पर रहने तथा दिल्ली, मुरादाबाद इलाज के चलते अब पत्नी भी साथ छोड़ने की सोच रही है।
राजू का कहना है कि उसकी मासूम बेटियां किसके सहारे रहेंगी। इलाज के लिए क्षेत्रीय विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनेक बार गुहार लगा चुके राजू का कहना है कि किसी ने मदद तो दूर, पत्र का जवाब तक नही दिया। अब जिंदगी से हताश और निराश हो चुकेराजू ने राष्ट्रपति से बेटियों सहित इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी है।