{"_id":"d991eea92a0281217275abf44149d8d9","slug":"lawyers-isolated-court-work-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया
अमर उजाला/देवरिया
Updated Sat, 09 Jan 2016 12:09 AM IST
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देवरिया। सहारनपुर में वकील की हत्या और खुखुंदु में अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी देने के विरोध में यूपी बार कौंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने पड़री बाजार की घटना के जिम्मेदार खुखुंदू एसओ को अब तक निलंबित न करने पर भी गुस्से का इजहार किया। अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष शिव पूजन सिंह ने सोमवार तक एसओ का निलंबन न होने पर दीवानी न्यायालय गेट बंद करने की चेतावनी दी है।
दीवानी न्यायालय गेट पर धरने के दौरान वकीलों ने पुलिस उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर नाराजगी जाहिर की। वकीलों ने कहा कि खुखुंदू के पड़री बाजार में ईदमिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान वकील को पिस्टल सटाकर जान से मारने की धमकी देने और पत्रकार पर पिस्टल से वार कर दिया गया था।
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इस मामले में एसपी और डीएम को मांगपत्र देकर खुखुंदू एसओ को निलंबित करने की मांग की गई लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह निंदनीय है।
वकील इसके विरोध में दो जनवरी से न्यायिक कार्य नहीं कर रहे हैं। बार काउंसिल के निर्देश पर शुक्रवार को दीवानी न्यायालय गेट पर वकीलों ने धरना दिया। वकीलों ने सहारनपुर में वकील के हत्यारों को गिरफ्तार करने, एसओ खुखुंदू को निलंबित करने और एसपी के स्थानांतरण की मांग शासन से की है।
इस मौके पर अनिल सिंह, श्रीराम तिवारी, राधा कृष्ण शुक्ला, शंभूनाथ सिंह, कौशल किशोर पांडेय, सिंहासन गिरी, बृजबांके तिवारी, हरेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, निरंजन बघेल, नितेश पांडेय, अरविंद साहनी, लल्लन मिश्र, सुभाष राव आदि मौजूद रहे।
वहीं तहसील बार एसोसिएशन ने बैठक कर उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता जाहिर की। इस मौके पर नर्वदा चौहान, कमल मणि त्रिपाठी, कन्हैया मिश्र, रमाशंकर मिश्र, मनोज आदि मौजूद रहे। उधर, टैक्स बार एसोसिएशन ने से लचर कानून व्यवस्था और सहारनपुर की घटना पर विरोध जताया।
सलेमपुर में वकीलों ने मौन रहकर विरोध जताया और मृत वकील के परिवार को 50 लाख रुपये प्रदेश सरकार से देने की मांग की। बाद में सीएम को संबोधित मांग पत्र एसडीएम को दिया गया। इस दौरान अध्यक्ष परमानंद यादव, सुरेश कुमार, देवेन्द्र दुबे, रामेश्वर प्रसाद मिश्र, चन्द्रभूषण तिवारी, शशिभूषण तिवारी, विष्णु दत्त पांडेय, रत्नेश श्रीवास्तव आदि वकील मौजूद रहे।
रुद्रपुर में तहसील अधिवक्ता संघ ने कानून व्यवस्था के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौप कर अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के पर कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ब्रजविहारी पांडेय ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। हत्या लूट और दुष्कर्मों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इस दौरान महामंत्री सत्यप्रकाश सिंह, भूपेंद्र शर्मा, अनिल दूबे, राजेेश त्रिपाठी, भालेंदू पांडेय, सतीश गुप्ता, आनंद सिंह, बलवंत सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने पड़री बाजार की घटना के जिम्मेदार खुखुंदू एसओ को अब तक निलंबित न करने पर भी गुस्से का इजहार किया। अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष शिव पूजन सिंह ने सोमवार तक एसओ का निलंबन न होने पर दीवानी न्यायालय गेट बंद करने की चेतावनी दी है।
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दीवानी न्यायालय गेट पर धरने के दौरान वकीलों ने पुलिस उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर नाराजगी जाहिर की। वकीलों ने कहा कि खुखुंदू के पड़री बाजार में ईदमिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान वकील को पिस्टल सटाकर जान से मारने की धमकी देने और पत्रकार पर पिस्टल से वार कर दिया गया था।
इस मामले में एसपी और डीएम को मांगपत्र देकर खुखुंदू एसओ को निलंबित करने की मांग की गई लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह निंदनीय है।
वकील इसके विरोध में दो जनवरी से न्यायिक कार्य नहीं कर रहे हैं। बार काउंसिल के निर्देश पर शुक्रवार को दीवानी न्यायालय गेट पर वकीलों ने धरना दिया। वकीलों ने सहारनपुर में वकील के हत्यारों को गिरफ्तार करने, एसओ खुखुंदू को निलंबित करने और एसपी के स्थानांतरण की मांग शासन से की है।
इस मौके पर अनिल सिंह, श्रीराम तिवारी, राधा कृष्ण शुक्ला, शंभूनाथ सिंह, कौशल किशोर पांडेय, सिंहासन गिरी, बृजबांके तिवारी, हरेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, निरंजन बघेल, नितेश पांडेय, अरविंद साहनी, लल्लन मिश्र, सुभाष राव आदि मौजूद रहे।
वहीं तहसील बार एसोसिएशन ने बैठक कर उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता जाहिर की। इस मौके पर नर्वदा चौहान, कमल मणि त्रिपाठी, कन्हैया मिश्र, रमाशंकर मिश्र, मनोज आदि मौजूद रहे। उधर, टैक्स बार एसोसिएशन ने से लचर कानून व्यवस्था और सहारनपुर की घटना पर विरोध जताया।
सलेमपुर में वकीलों ने मौन रहकर विरोध जताया और मृत वकील के परिवार को 50 लाख रुपये प्रदेश सरकार से देने की मांग की। बाद में सीएम को संबोधित मांग पत्र एसडीएम को दिया गया। इस दौरान अध्यक्ष परमानंद यादव, सुरेश कुमार, देवेन्द्र दुबे, रामेश्वर प्रसाद मिश्र, चन्द्रभूषण तिवारी, शशिभूषण तिवारी, विष्णु दत्त पांडेय, रत्नेश श्रीवास्तव आदि वकील मौजूद रहे।
रुद्रपुर में तहसील अधिवक्ता संघ ने कानून व्यवस्था के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौप कर अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के पर कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ब्रजविहारी पांडेय ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। हत्या लूट और दुष्कर्मों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इस दौरान महामंत्री सत्यप्रकाश सिंह, भूपेंद्र शर्मा, अनिल दूबे, राजेेश त्रिपाठी, भालेंदू पांडेय, सतीश गुप्ता, आनंद सिंह, बलवंत सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।