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अब 25 गोवंश पर रखा जाएगा एक केयर टेकर, मिलेगा 4 हजार वेतन
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अयोध्या। मवई जिले में गोवंश की मौत के बाद अब प्रशासन की नींद टूटी है। अब गोशाला में प्रत्येक 25 मवेशियों पर एक केयर टेकर की व्यवस्था होगी।
साथ ही हर गोशाला पर सिर्फ 100 मवेशियों को ही रखे जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही केयर टेकर को ग्राम पंचायत से प्रस्ताव के बाद 4 हजार रुपये मासिक मानदेय भी देने की बात कही गई है।
अभी तक गोवंश की देखभाल करने वाले को 182 रुपये रोज के हिसाब से मनरेगा मजदूरी मिलती थी। बीडीओ मवई डॉ. घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि जिला समिति की बैठक में निर्देश जारी हुआ है कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल पर अब सिर्फ 100 गोवंश ही रखे जाएंगे।
जिला समिति ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक 25 गोवंश पर एक व्यक्ति का चयन ग्राम पंचायत से ही किया जाएगा और प्रत्येक केयरटेकर को 4 हजार रुपये को मासिक भुगतान किया जाएगा, जिसकी उपस्थिति का सत्यापन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा किया जाएगा।
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केयर टेकर के भर्ती के लिए ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधानों को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया जा चुका है। बताया कि मवई के एक मात्र जैसुखपुर गांव में संचालित गोशाला में फिलहाल अभी 91 नर गोवंश है, जिनकी देखभाल के लिए चार लोगों को लगाया गया है।
जल्द ही सैदपुर और बिहारा की गोशाला का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा और निराश्रित मवेशियों को वहां भी रखा जाएगा, जिससे किसानों की एक जटिल समस्या का समाधान हो सकेगा।
पशु चिकित्सा अधिकारी मवई डॉ. सीवी वर्मा ने बताया कि हर रोज देखभाल के लिए चिकित्सकों की टीम तत्पर हैं, जिसकी देन है कि आज तक किसी भी गोवंश की मवई में मौत अभी तक नही हुई है। जानवरों को भूसा के साथ ही हरे चारे देने के लिए बीडीओ मवई से कहा गया है।
साथ ही हर गोशाला पर सिर्फ 100 मवेशियों को ही रखे जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही केयर टेकर को ग्राम पंचायत से प्रस्ताव के बाद 4 हजार रुपये मासिक मानदेय भी देने की बात कही गई है।
अभी तक गोवंश की देखभाल करने वाले को 182 रुपये रोज के हिसाब से मनरेगा मजदूरी मिलती थी। बीडीओ मवई डॉ. घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि जिला समिति की बैठक में निर्देश जारी हुआ है कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल पर अब सिर्फ 100 गोवंश ही रखे जाएंगे।
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जिला समिति ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक 25 गोवंश पर एक व्यक्ति का चयन ग्राम पंचायत से ही किया जाएगा और प्रत्येक केयरटेकर को 4 हजार रुपये को मासिक भुगतान किया जाएगा, जिसकी उपस्थिति का सत्यापन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा किया जाएगा।
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जल्द ही सैदपुर और बिहारा की गोशाला का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा और निराश्रित मवेशियों को वहां भी रखा जाएगा, जिससे किसानों की एक जटिल समस्या का समाधान हो सकेगा।
पशु चिकित्सा अधिकारी मवई डॉ. सीवी वर्मा ने बताया कि हर रोज देखभाल के लिए चिकित्सकों की टीम तत्पर हैं, जिसकी देन है कि आज तक किसी भी गोवंश की मवई में मौत अभी तक नही हुई है। जानवरों को भूसा के साथ ही हरे चारे देने के लिए बीडीओ मवई से कहा गया है।