{"_id":"6a2315b87f48ed30be08a62a","slug":"the-clinking-of-bangles-stopped-due-to-four-rupees-the-first-meeting-was-inconclusive-firozabad-news-c-169-1-sagr1025-176582-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: चार रुपये के फेर में थमी चूड़ियों की खनक, बेनतीजा रही पहली बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: चार रुपये के फेर में थमी चूड़ियों की खनक, बेनतीजा रही पहली बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 06 Jun 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद कारखानेदार व श्रमिक संगठन पदाधिकारी। स्रोत: वि
- फोटो : विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद कारखानेदार व श्रमिक संगठन पदाधिकारी। स्रोत: विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फिरोजाबाद। अतिरिक्त गैस और तेल खर्च के मुद्दे पर कारखानेदारों और जुडाई श्रमिकों के बीच पैदा हुआ गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को इस अघोषित विवाद को सुलझाने के लिए नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) और श्रम विभाग की मौजूदगी में फिरोजाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय पर एक त्रिपक्षीय वार्ता बुलाई गई, जो बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई।
चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों का सीधा आरोप है कि बाजार में गैस और तेल के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं, जिससे प्रति तोड़ा चूड़ी जुड़ाई का वास्तविक खर्च काफी ज्यादा आ रहा है। लेकिन उन्हें आज भी सदियों पुरानी चार रुपये प्रति तोड़ा की दर से ही भुगतान किया जा रहा है, जो उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। श्रमिक इस दर में तुरंत सम्मानजनक संशोधन की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को हुई इस बैठक में उस समय बेहद दिलचस्प और असहज स्थिति पैदा हो गई, जब कारखानेदारों के प्रतिनिधियों हनुमान प्रसाद गर्ग और ललितेश जैन ने श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों से सीधे तौर पर प्रति तोड़ा तेल और गैस की वास्तविक खपत का सटीक गणित और डेटा मांग लिया। इस पर श्रमिक नेता मौके पर कोई सही और तार्किक जानकारी नहीं दे पाए। हालांकि, कारखानेदारों ने साफ किया कि वे श्रमिकों के हितों का ध्यान रखने के लिए तैयार हैं, लेकिन सब कुछ हवा-हवाई दावों पर नहीं, बल्कि वास्तविक आंकड़ों के आधार पर तय होना चाहिए।
विज्ञापन
प्रशासनिक अधिकारियों और नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि अब इस गतिरोध को खत्म करने के लिए दो दिन बाद दोबारा द्विपक्षीय बैठक बुलाई गई है। इसी अगली बैठक में यह तय होगा कि श्रमिकों को मिलने वाले चार रुपये प्रति तोड़ा के भत्ते में कितना इजाफा किया जाएगा। शुक्रवार की वार्ता में श्रमिक पक्ष की तरफ से राधा शंखवार, रमाकांत यादव, शिशुपाल तिवारी और नवल सिंह आदि ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों का सीधा आरोप है कि बाजार में गैस और तेल के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं, जिससे प्रति तोड़ा चूड़ी जुड़ाई का वास्तविक खर्च काफी ज्यादा आ रहा है। लेकिन उन्हें आज भी सदियों पुरानी चार रुपये प्रति तोड़ा की दर से ही भुगतान किया जा रहा है, जो उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। श्रमिक इस दर में तुरंत सम्मानजनक संशोधन की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को हुई इस बैठक में उस समय बेहद दिलचस्प और असहज स्थिति पैदा हो गई, जब कारखानेदारों के प्रतिनिधियों हनुमान प्रसाद गर्ग और ललितेश जैन ने श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों से सीधे तौर पर प्रति तोड़ा तेल और गैस की वास्तविक खपत का सटीक गणित और डेटा मांग लिया। इस पर श्रमिक नेता मौके पर कोई सही और तार्किक जानकारी नहीं दे पाए। हालांकि, कारखानेदारों ने साफ किया कि वे श्रमिकों के हितों का ध्यान रखने के लिए तैयार हैं, लेकिन सब कुछ हवा-हवाई दावों पर नहीं, बल्कि वास्तविक आंकड़ों के आधार पर तय होना चाहिए।
Trending Videos
प्रशासनिक अधिकारियों और नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि अब इस गतिरोध को खत्म करने के लिए दो दिन बाद दोबारा द्विपक्षीय बैठक बुलाई गई है। इसी अगली बैठक में यह तय होगा कि श्रमिकों को मिलने वाले चार रुपये प्रति तोड़ा के भत्ते में कितना इजाफा किया जाएगा। शुक्रवार की वार्ता में श्रमिक पक्ष की तरफ से राधा शंखवार, रमाकांत यादव, शिशुपाल तिवारी और नवल सिंह आदि ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।