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Gonda News: सड़क हादसे में घायल युवक ने इलाज के दाैरान दम तोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:32 PM IST
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तरबगंज। सीबीएन मार्ग पर बाबापुरवा चौराहे के पास साेमवार को हुए सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 16 दिन के नवजात बेटे समेत तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
गिरधरपुर खजुही गांव निवासी रामू विश्वकर्मा (28) सोमवार रात बनगांव से बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक एक छुट्टा मवेशी सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में उनकी बाइक टकरा गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरबगंज ले जाया गया, जहां से गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। सिर में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें बाद में लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया, लेकिन मंगलवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मंगलवार देर रात जब रामू का शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी केतकी पति का शव देखकर बेसुध हो गईं, जबकि मां भाना देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। रामू चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके पिता परशुराम की करीब दस वर्ष पहले कैंसर से मौत हो चुकी थी। रामू अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां कोमल और भूमि तथा 16 दिन का नवजात बेटा छोड़ गए हैं, जिसका अभी नामकरण भी नहीं हुआ था। खेती और ई रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाने वाले रामू की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। (संवाद)
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गिरधरपुर खजुही गांव निवासी रामू विश्वकर्मा (28) सोमवार रात बनगांव से बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक एक छुट्टा मवेशी सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में उनकी बाइक टकरा गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरबगंज ले जाया गया, जहां से गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। सिर में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें बाद में लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया, लेकिन मंगलवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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मंगलवार देर रात जब रामू का शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी केतकी पति का शव देखकर बेसुध हो गईं, जबकि मां भाना देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। रामू चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके पिता परशुराम की करीब दस वर्ष पहले कैंसर से मौत हो चुकी थी। रामू अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां कोमल और भूमि तथा 16 दिन का नवजात बेटा छोड़ गए हैं, जिसका अभी नामकरण भी नहीं हुआ था। खेती और ई रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाने वाले रामू की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। (संवाद)