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पांच चीनी मिलों ने किया भुगतान, तीन पर सख्ती
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 May 2017 07:29 PM IST
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गोरखपुर मंडल की आठ चीनी मिलों में से पांच चीनी मिलों ने किसानों के पेराई सत्र 2016-17 के सभी बकाए का भुगतान कर दिया। तीन चीनी मिलों पर अभी भी 60.42 करोड़ का बकाया है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अब प्रशासन इनसे भी बकाए की वसूली के लिए सख्ती करने जा रहा है। गड़ौरा चीनी मिल पर पहले ही मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। बाकी की दो चीनी मिलों कप्तानगंज और प्रतापपुर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
उप गन्ना आयुक्त डॉ. आरवी राम ने बताया कि रामकोला, सेवरही, खड्डा, ढाढ़ा बुजुर्ग और सिसवा ने शत-प्रतिशत किसानों के गन्ना मूल्य बकाए का भुगतान कर दिया है। कप्तानगंज चीनी मिल पर 33.06, प्रतापपुर पर 23.99 तथा गड़ौरा चीनी मिल पर 3.37 करोड़ रुपया अभी भी बकाया है। संबंधित डीएम की तरफ से इन सभी चीनी मिलों को भी जल्द भुगतान न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि इसी तरह बस्ती मंडल की वाल्टरगंज चीनी मिल पर 31.25 करोड़ तथा रुधौली चीनी मिल पर 58.86 करोड़ रुपये का बकाया है। इस पेराई सत्र में गोरखपुर और बस्ती मंडल में गन्ने की फसल से 1335.21 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसमें गोरखपुर मंडल में 881.16 तथा बस्ती मंडल में 453.59 करोड़ रुपये की आय हुई।
गन्ना किसान संस्थान के सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। चीनी उत्पादन की दृष्टि से भी इस पेराई सत्र 2016-17 में प्रदेश, देश में पहले स्थान पर हो गया है।
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उप गन्ना आयुक्त डॉ. आरवी राम ने बताया कि रामकोला, सेवरही, खड्डा, ढाढ़ा बुजुर्ग और सिसवा ने शत-प्रतिशत किसानों के गन्ना मूल्य बकाए का भुगतान कर दिया है। कप्तानगंज चीनी मिल पर 33.06, प्रतापपुर पर 23.99 तथा गड़ौरा चीनी मिल पर 3.37 करोड़ रुपया अभी भी बकाया है। संबंधित डीएम की तरफ से इन सभी चीनी मिलों को भी जल्द भुगतान न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि इसी तरह बस्ती मंडल की वाल्टरगंज चीनी मिल पर 31.25 करोड़ तथा रुधौली चीनी मिल पर 58.86 करोड़ रुपये का बकाया है। इस पेराई सत्र में गोरखपुर और बस्ती मंडल में गन्ने की फसल से 1335.21 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसमें गोरखपुर मंडल में 881.16 तथा बस्ती मंडल में 453.59 करोड़ रुपये की आय हुई।
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गन्ना किसान संस्थान के सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। चीनी उत्पादन की दृष्टि से भी इस पेराई सत्र 2016-17 में प्रदेश, देश में पहले स्थान पर हो गया है।