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Hardoi News: गांवों निकायों में प्रगणकों ने बनाने शुरू किए एचएलबी मानचित्र
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हरदोई। जनगणना-2027 के पहले चरण के काम ने तेजी पकड़ी है। प्रगणकों ने अपने-अपने हॉउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) मानचित्र बनाने शुरू कर दिए हैं। मानचित्र बनाने के साथ ही मकानों की गणना भी की जाने लगी है। प्रगणक दिन में लू और 42.50 डिग्री तापमान से बचने से सुबह और शाम को अपने-अपने क्षेत्र में मानचित्र बनाने और गणना का काम कर रहे हैं।
जनगणना-2027 में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। प्रगणक अपने-अपने एंड्रायड मोबाइल पर जनगणना के दिए गए पोर्टल पर जरूरी जानकारी फीड कर रहे हैं। पहले चरण में प्रगणकों को अपने-अपने ब्लॉक में मानचित्र और मकानों की गिनती करनी हैं। ग्रामीण और निकाय क्षेत्रों में 7,706 एचएलबी बनाए गए हैं। सभी में एक-एक प्रगणक की ड्यूटी लगाई गई है। प्रगणकों को आवासीय मकानों के साथ ही, खाली प्लाट, व्यावसायिक भवन, खंडहर, स्कूल-कॉलेजों और चिकित्सालय आदि को भी मानचित्र में शामिल करना है। इन सभी की गिनती भी की जानी है। एक एचएलबी में 700-800 आबादी या 150 मकानों को शामिल किया गया है। इससे प्रगणकों को मानचित्र और गणना में आसानी रहेगी।
जनगणना निदेशालय ने भवनों की गणना के साथ ही सभी ब्लॉकों के मानचित्रों के माध्यम से निकाय, गांव और जनपद का डेटा संकलित किए जाने की व्यवस्था दी है। प्रगणकों के मुताबिक, सुबह और शाम को जनगणना का काम किए जाने से लोग भी आसानी से मिल जाते हैं। इससे जानकारी जुटाने में आसानी रहती है। दोपहर में लोग कम ही घरों से निकलते हैं और तेज धूप व लू के कारण जानकारी जुटाने में भी दिक्कतें आती हैं।
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जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है। जनगणना के आकड़ोंं पर ही देश में विकास और अन्य योजनाओं का खाका तैयार किया जाता है। जनगणना की सही-सही जानकारी से क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की मांग का सरकार आसानी से आकलन कर सकती है। वहीं स्व गणना में लोगों ने खूब भागीदारी की। प्रगणकों के माध्यम से मानचित्र और गणना का काम कराया जा रहा है। सभी 18 चार्ज अधिकारियों से कहा गया है कि वह गणना और मानचित्र के काम की नियमित समीक्षा करें और समय से काम पूरा कराने के लिए तेजी भी लाएं।
-अनुनय झा, प्रमुख जनगणना अधिकारी
जनगणना-2027 में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। प्रगणक अपने-अपने एंड्रायड मोबाइल पर जनगणना के दिए गए पोर्टल पर जरूरी जानकारी फीड कर रहे हैं। पहले चरण में प्रगणकों को अपने-अपने ब्लॉक में मानचित्र और मकानों की गिनती करनी हैं। ग्रामीण और निकाय क्षेत्रों में 7,706 एचएलबी बनाए गए हैं। सभी में एक-एक प्रगणक की ड्यूटी लगाई गई है। प्रगणकों को आवासीय मकानों के साथ ही, खाली प्लाट, व्यावसायिक भवन, खंडहर, स्कूल-कॉलेजों और चिकित्सालय आदि को भी मानचित्र में शामिल करना है। इन सभी की गिनती भी की जानी है। एक एचएलबी में 700-800 आबादी या 150 मकानों को शामिल किया गया है। इससे प्रगणकों को मानचित्र और गणना में आसानी रहेगी।
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जनगणना निदेशालय ने भवनों की गणना के साथ ही सभी ब्लॉकों के मानचित्रों के माध्यम से निकाय, गांव और जनपद का डेटा संकलित किए जाने की व्यवस्था दी है। प्रगणकों के मुताबिक, सुबह और शाम को जनगणना का काम किए जाने से लोग भी आसानी से मिल जाते हैं। इससे जानकारी जुटाने में आसानी रहती है। दोपहर में लोग कम ही घरों से निकलते हैं और तेज धूप व लू के कारण जानकारी जुटाने में भी दिक्कतें आती हैं।
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-अनुनय झा, प्रमुख जनगणना अधिकारी