चित्रकूट: दादा का मकान बना जंग का अखाड़ा, सगे भाइयों में खूनी संघर्ष; बीच-बचाव करने गए बड़े भाई की मौत; 6 घायल
Chitrakoot News: पहाड़ी थाना क्षेत्र के दुबारी गांव में पुश्तैनी मकान को लेकर हुए पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में बड़े भाई की गंभीर चोट लगने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।
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पहाड़ी थाना क्षेत्र के दुबारी गांव में पुश्तैनी संपत्ति और दादा के पुराने मकान पर कब्जे को लेकर सगे रिश्तों का कत्ल हो गया। दो भाइयों और उनके परिवारों के बीच आधी रात को ऐसा खूनी खेल खेला गया कि पूरा गांव लाठियों की गड़गड़ाहट और चीख-पुकार से दहल उठा।
इस भयंकर लाठीप्रहार में सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण बड़े भाई की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, दोनों पक्षों की तरफ से महिलाओं समेत करीब 5 से 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस वारदात के बाद से गांव में भारी तनाव का माहौल है और एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
दादा के घर से शुरू हुआ विवाद
दुबारी गांव में यह पूरा खूनी विवाद स्वर्गीय दादा के पुराने मकान के मालिकाना हक को लेकर शुरू हुआ था। रविवार की रात आरोपी इंद्रकुमार का अपनी ही सगी बहन तुलसा से इस मकान को लेकर तीखा विवाद और गाली-गलौज हो रही थी। घर के बाहर मचे इस शोर-शराबे और झगड़े को देखकर बड़ा भाई रामनारायण तुरंत मौके पर पहुंचे।
उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराने और बीच-बचाव करने की पुरजोर कोशिश की। लेकिन, शांति दूत बनकर गए बड़े भाई रामनारायण की यह कोशिश छोटे भाई इंद्रकुमार को नागवार गुजरी। देखते ही देखते विवाद शांत होने के बजाय और ज्यादा भड़क गया और दोनों पक्षों के लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए।
सिर पर लगा लाठी का जोरदार वार, जमीन पर गिरे और थमी सांसें
गुस्से और सनक में अंधे हो चुके दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठियों की बरसात कर दी। इसी दौरान विपक्ष की तरफ से एक लाठी का बेहद जोरदार और घातक वार सीधे बड़े भाई रामनारायण के सिर पर लगा। लाठी लगते ही रामनारायण के सिर से खून का फव्वारा फूट पड़ा और वे अचेत होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े।
पिता को लहूलुहान हालत में गिरता देख मौके पर कोहराम मच गया। आनन-फानन में डरे-सहमे परिजन उन्हें तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर भागे। लेकिन, रामनारायण की नाजुक हालत और लगातार बहते खून को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए आखिरकार रामनारायण ने दम तोड़ दिया।
दोनों तरफ से महिलाओं समेत आधा दर्जन लोग लहूलुहान
इस भीषण लाठीचार्ज और पथराव में सिर्फ रामनारायण ही नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मारपीट की इस घटना में इंद्रकुमार, लक्ष्मीनिया, गोरेलाल और अशोक कुमार समेत कुल पांच से छह लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक रामनारायण के बेटे ने अपने पिता की हत्या और परिवार पर जानलेवा हमला करने के आरोप में पहाड़ी थाने में लिखित तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जांच में जुटी पुलिस की कई टीमें
खूनी संघर्ष की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल और घटनास्थल दुबारी गांव पहुंचे। एसपी अरुण कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया दुबारी गांव में दादा के पुराने मकान को लेकर भाइयों के बीच पुराना विवाद था। रविवार की रात बड़े भाई का बेटा दूसरे पक्ष के घर पहुंच गया था, जिसके बाद दोनों भाइयों और उनके परिजनों के बीच अचानक विवाद उग्र हो गया।
मारपीट के दौरान सिर में लाठी का गहरा वार लगने की वजह से रामनारायण की अस्पताल में मौत हो गई है। घटना में कई अन्य लोग भी घायल हैं जिनका इलाज चल रहा है। मृतक के पुत्र की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।