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Kanpur News: निलंबित चौकी प्रभारी और दरोगा पर 10 हजार वसूलने का आरोप
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कानपुर। नौबस्ता निवासी युवक ने आवास-विकास पुलिस चौकी के प्रभारी रहे निलंबित दरोगा शैलेंद्र राघव पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। चौकी के एक अन्य दरोगा पर भी रुपये लेकर छोड़ने का आरोप लगा शिकायत एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. विपिन कुमार ताडा से की। उन्होेंने जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित के पिता दरोगा हैं और गाजियाबाद में तैनात हैं।
किदवईनगर वाई-वन ब्लॉक निवासी दरोगा मनोज गाजियाबाद में तैनात हैं। उनके बेटे शिखर ने एडिशनल सीपी को दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि 29 मई की रात वह बीमार दोस्त को देखने अस्पताल जा रहे थे। आवास-विकास पुलिस चौकी के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोककर रुपये मांगे और विरोध पर अभद्रता की। शिकायत जब चौकी में की तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। तत्कालीन चौकी प्रभारी शैलेंद्र ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी दी। मामले को निपटाने के नाम पर उससे 25 हजार रुपये की मांग की गई। जब पिता का परिचय दिया तो 10 हजार रुपये में मामला निपटाने के लिए कहा। इसके बाद उसने परिचित से 10 हजार रुपये मंगवाकर अन्य दरोगा को दिए जिसके बाद उसे छोड़ा गया।
पीड़ित ने दावा किया कि घटना चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है तथा उसने अपने मोबाइल फोन से भी कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। अगले दिन नौबस्ता थाने में शिकायत की तो वापस चौकी भेज दिया गया जहां दोबारा धमकाया गया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोप और वीडियो की जांंच कराई जा रही है। चौकी के सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए जाएंगे। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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दरोगा बोला, मैंने तुम्हें कितने काम दिलाए...
पीड़ित ने चौकी के बाहर खड़े होकर सात मिनट पांच सेकेंड का वीडियो बनाया है जो घटना के अगले दिन का बताया जा रहा है। इस वीडियो में पीड़ित रोते हुए 10 हजार रुपये पुलिस को देने की बात कह रहा है। इस पर दरोगा उसके आंसू पो़छता नजर आया। पीड़ित किसी लड़के को हथकड़ी लगवाकर 151 में चालान करने के लिए कह रहा है। दरोगा ने पीड़ित काे उनके पुराने संबंधों का हवाला देते हुए हाथ मिलाकर विपक्षी युवक पर कार्रवाई का भरोसा दिया। दरोगा यह भी कहता है कि मेरे तुम्हारे इतने दिन पुराने संबंध हैं। मैंने तुम्हें कई काम दिलाए हैं। इस बातचीत से अंदेशा है कि दरोगा व पीड़ित पुराने परिचित हैं।
किदवईनगर वाई-वन ब्लॉक निवासी दरोगा मनोज गाजियाबाद में तैनात हैं। उनके बेटे शिखर ने एडिशनल सीपी को दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि 29 मई की रात वह बीमार दोस्त को देखने अस्पताल जा रहे थे। आवास-विकास पुलिस चौकी के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोककर रुपये मांगे और विरोध पर अभद्रता की। शिकायत जब चौकी में की तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। तत्कालीन चौकी प्रभारी शैलेंद्र ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी दी। मामले को निपटाने के नाम पर उससे 25 हजार रुपये की मांग की गई। जब पिता का परिचय दिया तो 10 हजार रुपये में मामला निपटाने के लिए कहा। इसके बाद उसने परिचित से 10 हजार रुपये मंगवाकर अन्य दरोगा को दिए जिसके बाद उसे छोड़ा गया।
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पीड़ित ने दावा किया कि घटना चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है तथा उसने अपने मोबाइल फोन से भी कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। अगले दिन नौबस्ता थाने में शिकायत की तो वापस चौकी भेज दिया गया जहां दोबारा धमकाया गया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोप और वीडियो की जांंच कराई जा रही है। चौकी के सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए जाएंगे। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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