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धान खरीद ठप, अफसर मस्त, किसान त्रस्त
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 04 Nov 2016 10:43 PM IST
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धान की अधिक आवक से मंडी में लगा जाम
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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क्रय केंद्रों और मिलों के बीच नहीं हो सका एग्रीमेंट
जिले में सरकारी धान खरीद परवान चढ़ने से पहले ही दम तोड़ रही है। किसानों का धान खरीदने के लिए खोले गए 97 क्रय केंद्र लगभग बंद हो चुके हैं। पीसीएफ तो पहले से ही धान खरीद बंदी की घोषणा कर चुकी है। वहीं अन्य एजेंसियों ने अघोषित तौर पर खरीद बंद कर रखी है, जिसके पीछे वजह राइस मिलों से एग्रीमेंट प्रक्रिया पूरी न होना बताया जा रहा है। प्रदेश सरकार, एजेंसियों और मिल मालिकों के बीच जारी नूरा-कुश्ती में किसानों का दम निकला जा रहा है, क्योंकि मंडी में बिचौलिए औने-पौने दामों पर धान खरीद रहे हैं।
पिछले वर्ष 2015-16 में सरकारी एजेंसियों ने तीन नवंबर तक 12936 मीट्रिक टन धान खरीद कर ली थी, लेकिन इस वर्ष 2016-17 में सिर्फ 3254 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। सबसे ज्यादा क्रय केंद्र (51) खोलने वाली एजेंसी पीसीएफ ने तो दो सप्ताह पहले से ही खरीद बंद कर रखी है। जबकि सोसाइटी, यूपी स्टेट एग्रो, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपी कोआपरेटिव यूनियन और एफसीआई ने भी अघोषित तौर पर धान खरीद बंद कर रखी है। खाद्य विभाग, एसएफसी और एनसीसीएफ ने कुछ धान खरीदा है, जो सिफारिशी पहुंच वाले किसानों का है। राजापुर मंडी स्थित खाद्य विभाग, कर्मचारी कल्याण निगम और एफसीआई के क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद है। किसानों को टरकाया जा रहा है। अधिकारी भी इन हालात पर कुछ भी बोलने से बच रहे है। क्योंकि कुछ मिलों से एग्रीमेंट होने के बाद करीब 2723 मीट्रिक टन धान डिलीवरी की गई है, लेकिन एफसीआई को 162 मीट्रिक टन चावल आपूर्ति की गई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक सिर्फ 346 किसान ही क्रय केंद्रों पर धान बेच सके हैं। वहीं राजापुर मंडी में अब तक तीन लाख क्विंटल से अधिक धान की आवक हो चुकी है। दिवाली के बाद से धान की जबरदस्त आवक हो रही है, जिससे फड़ और रास्ते जाम हैं।
राजापुर मंडी के क्रय केंद्रों का मिलों से अभी एग्रीमेंट प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। अन्य केंद्रों पर 87 में से करीब 50 फीसदी मिलों का एग्रीमेंट हो गया है। जल्द ही सभी एजेंसियां धान खरीद शुरू कर देंगी।
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-कौशल देव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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जिले में सरकारी धान खरीद परवान चढ़ने से पहले ही दम तोड़ रही है। किसानों का धान खरीदने के लिए खोले गए 97 क्रय केंद्र लगभग बंद हो चुके हैं। पीसीएफ तो पहले से ही धान खरीद बंदी की घोषणा कर चुकी है। वहीं अन्य एजेंसियों ने अघोषित तौर पर खरीद बंद कर रखी है, जिसके पीछे वजह राइस मिलों से एग्रीमेंट प्रक्रिया पूरी न होना बताया जा रहा है। प्रदेश सरकार, एजेंसियों और मिल मालिकों के बीच जारी नूरा-कुश्ती में किसानों का दम निकला जा रहा है, क्योंकि मंडी में बिचौलिए औने-पौने दामों पर धान खरीद रहे हैं।
पिछले वर्ष 2015-16 में सरकारी एजेंसियों ने तीन नवंबर तक 12936 मीट्रिक टन धान खरीद कर ली थी, लेकिन इस वर्ष 2016-17 में सिर्फ 3254 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। सबसे ज्यादा क्रय केंद्र (51) खोलने वाली एजेंसी पीसीएफ ने तो दो सप्ताह पहले से ही खरीद बंद कर रखी है। जबकि सोसाइटी, यूपी स्टेट एग्रो, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपी कोआपरेटिव यूनियन और एफसीआई ने भी अघोषित तौर पर धान खरीद बंद कर रखी है। खाद्य विभाग, एसएफसी और एनसीसीएफ ने कुछ धान खरीदा है, जो सिफारिशी पहुंच वाले किसानों का है। राजापुर मंडी स्थित खाद्य विभाग, कर्मचारी कल्याण निगम और एफसीआई के क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद है। किसानों को टरकाया जा रहा है। अधिकारी भी इन हालात पर कुछ भी बोलने से बच रहे है। क्योंकि कुछ मिलों से एग्रीमेंट होने के बाद करीब 2723 मीट्रिक टन धान डिलीवरी की गई है, लेकिन एफसीआई को 162 मीट्रिक टन चावल आपूर्ति की गई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक सिर्फ 346 किसान ही क्रय केंद्रों पर धान बेच सके हैं। वहीं राजापुर मंडी में अब तक तीन लाख क्विंटल से अधिक धान की आवक हो चुकी है। दिवाली के बाद से धान की जबरदस्त आवक हो रही है, जिससे फड़ और रास्ते जाम हैं।
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राजापुर मंडी के क्रय केंद्रों का मिलों से अभी एग्रीमेंट प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। अन्य केंद्रों पर 87 में से करीब 50 फीसदी मिलों का एग्रीमेंट हो गया है। जल्द ही सभी एजेंसियां धान खरीद शुरू कर देंगी।
-कौशल देव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी