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मंडी में आज से होगा ई-ऑक्शन
Lalitpur
Updated Thu, 14 Apr 2016 01:21 AM IST
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मंडी में आज से होगा ई-ऑक्शन
- फोटो : demo
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ललितपुर। गल्ला मंडी में जिंस की खरीद-फरोख्त बृहस्पतिवार से ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाएगी। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसकी शुरूआत करेंगे। इसी के साथ ललितपुर की गल्ला मंडी ई-ऑक्शन वाली देश की 21 और प्रदेश की छह मंडियों में शामिल हो जाएगी।
मंडी उप निदेशक रविशंकर गुप्ता ने बुधवार को गल्ला मंडी पहुंचकर तैयारियां को परखा। उन्होंने बताया कि जिले की गल्ला मंडी को जिंस के क्रय- विक्रय के लिए भारतीय कृषि बाजार में शामिल किया जा रहा है। देश की 21 गल्ला मंडियों के साथ जिले की गल्ला मंडी को ई-ऑक्शन प्रणाली से जोड़ा रहा है। प्रदेश में ई-ऑक्शन से जुड़ने वाली छह मंडियों में ललितपुर के अलावा सुल्तानपुर, बहराइच, मथुरा, लखीमपुर व सहारनपुर को शामिल किया गया है। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों व व्यापारियों को खरीद-फरोख्त के लिए ई-ऑक्शन के संबंध में जानकारी देंगे। किसानों व व्यापारियों को ई-बोली और ई-ग्रेडिंग से जोड़ा जा सकेगा। यह प्रणाली लागू होने से किसान अब जिंस को सीधे ऑनलाइन बेच सकेंगे, इससे उन्हें बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और फसल का सही दाम मिल सकेगा। पहले दिन इस प्रणाली से दस किसानों और दस व्यापारियों को जोड़ा जाएगा, बाद में जनपद के सभी किसान और व्यापारी इससे जुड़ जाएंगे।
प्रणाली को शुरू करने की तैयारियां मंडी प्रशासन द्वारा जोर-शोर से की जा रही हैं। मंडी सचिव के कार्यालय के सभागार में प्रोजेक्टर व एलईडी लगाकर प्रैक्टिस की गई, ताकि बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कोई परेशानी न हो।
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ऐसे होगी खरीद की समीक्षा
ई-ऑक्शन के माध्यम से होने वाली खरीद-फरोख्त की प्रगति की समीक्षा ऑनलाइन हो सकेगी। इसके लिए एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी (एपीएमसी) अपनी रिपोर्ट एसएएमबी (स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड) को भेजेगी और बोर्ड के माध्यम से यह रिपोर्ट एसएफएसी (स्माल फार्मर एग्रीकल्चर कमेटी) और डीएसी (डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर कार्पोरेशन) को मिलेगी। ताकि, खरीद की सही जानकारी उपलब्ध हो सके। किसानों को खरीद का भुगतान भी ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि किसानों को बिचौलियों से निजात मिल सके। किसानों द्वारा खरीदे गए जिंस की सैंपलिंग भी की जाएगी, इसके लिए मंडी कार्यालय में लैब स्थापित की गई है, जिसमें आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं।
मंडी उप निदेशक रविशंकर गुप्ता ने बुधवार को गल्ला मंडी पहुंचकर तैयारियां को परखा। उन्होंने बताया कि जिले की गल्ला मंडी को जिंस के क्रय- विक्रय के लिए भारतीय कृषि बाजार में शामिल किया जा रहा है। देश की 21 गल्ला मंडियों के साथ जिले की गल्ला मंडी को ई-ऑक्शन प्रणाली से जोड़ा रहा है। प्रदेश में ई-ऑक्शन से जुड़ने वाली छह मंडियों में ललितपुर के अलावा सुल्तानपुर, बहराइच, मथुरा, लखीमपुर व सहारनपुर को शामिल किया गया है। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों व व्यापारियों को खरीद-फरोख्त के लिए ई-ऑक्शन के संबंध में जानकारी देंगे। किसानों व व्यापारियों को ई-बोली और ई-ग्रेडिंग से जोड़ा जा सकेगा। यह प्रणाली लागू होने से किसान अब जिंस को सीधे ऑनलाइन बेच सकेंगे, इससे उन्हें बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और फसल का सही दाम मिल सकेगा। पहले दिन इस प्रणाली से दस किसानों और दस व्यापारियों को जोड़ा जाएगा, बाद में जनपद के सभी किसान और व्यापारी इससे जुड़ जाएंगे।
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प्रणाली को शुरू करने की तैयारियां मंडी प्रशासन द्वारा जोर-शोर से की जा रही हैं। मंडी सचिव के कार्यालय के सभागार में प्रोजेक्टर व एलईडी लगाकर प्रैक्टिस की गई, ताकि बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कोई परेशानी न हो।
ऐसे होगी खरीद की समीक्षा
ई-ऑक्शन के माध्यम से होने वाली खरीद-फरोख्त की प्रगति की समीक्षा ऑनलाइन हो सकेगी। इसके लिए एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी (एपीएमसी) अपनी रिपोर्ट एसएएमबी (स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड) को भेजेगी और बोर्ड के माध्यम से यह रिपोर्ट एसएफएसी (स्माल फार्मर एग्रीकल्चर कमेटी) और डीएसी (डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर कार्पोरेशन) को मिलेगी। ताकि, खरीद की सही जानकारी उपलब्ध हो सके। किसानों को खरीद का भुगतान भी ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि किसानों को बिचौलियों से निजात मिल सके। किसानों द्वारा खरीदे गए जिंस की सैंपलिंग भी की जाएगी, इसके लिए मंडी कार्यालय में लैब स्थापित की गई है, जिसमें आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं।