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इंटरमीडिएट विद्यालयों में नहीं मिल रहा छात्रों को प्रवेश

अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 27 Jul 2016 01:10 AM IST
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 Intermediate school students in getting admission
school, lalitpur news - फोटो : demo
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ललितपुर। जनपद में इंटरमीडिएट विद्यालयों में 11वीं कक्षा में छात्रों को प्रवेश नहीं मिल रहा है। कम अंक या फिर अन्य आधार पर हाइस्कूल उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश देने से मना करने पर विद्यालयों का एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप जारी है। यहां तक कि हर वर्ष विद्यालयों में छात्रों की संख्या में कमी होती जा रही है। प्रवेेश से वंचित रहने पर आखिरकार बहुत से छात्रों को मौत का दामन थामने को मजबूर होना पड़ रहा है। जनपद के विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिलने पर एक छात्र ने फांसी लगाकर तो एक ने ट्रेन से कटकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है, लेकिन विद्यालयों द्वारा प्रवेश देने में अब भी कठोरता दिखाई जा रही है। 


जनपद में करीब 40 इंटरमीडिएट विद्यालय हैं, जबकि नगरीय क्षेत्र में 12 इंटरमीडिएट विद्यालय हैं। शासन द्वारा शासकीय व अर्द्ध शासकीय विद्यालयों में इस वर्ष 22,203 परीक्षार्थियों ने हाईस्कूल की परीक्षा में भागीदारी की थी। इसमें से अधिकांश विद्यालयों में 80 प्रतिशत से अधिक छात्र उत्तीर्ण हुए थे। यानी करीब 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने जनपद में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है। ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकांश विद्यालयों द्वारा ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश को लेकर हाईस्कूल के प्रतिशत को भी शामिल किया गया है, जिसके चलते कम अंक वाले विद्यार्थियों को बहुत से विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
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बहुत से विद्यालय तो ऐसे हैं, जहां पूर्व के वर्षों में ही ग्यारहवीं कक्षाओं को अधिक सेक्शन में वितरित करते हुए 500 विद्यार्थियों तक के प्रवेश लिए गए हैं, उन विद्यालयों में अब जहां कक्षाओं के सेक्शन कम करते हुए छात्रों की संख्या में कमी लाई जा रही है। यदि शहर के वर्णी कॉलेज की ही बात करें तो वर्ष 2007 से 2008 तक पूरे विद्यालय में छात्रों की संख्या जहां 2500 से लेकर 3000 तक होती थी, आज की स्थिति यह है कि यहां छात्रों की संख्या मात्र करीब 1700 तक ही रह गई है। इस विद्यालय में कक्षा 11वीं में ही साइंस, आर्ट व कॉमर्स वर्ग में पढ़ाई के लिए करीब 12 सेक्शन तक हुआ करते थे, आज कक्षा सेक्शनों की संख्या ही आठ तक रह गई है।
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यदि यहां शिक्षकों की बात करें तो करीब 28 शिक्षक सरकारी और करीब आधा दर्जन शिक्षकों को प्राइवेट तौर पर नियुक्त किया गया है, जो छात्रों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त हैं। ऐसा नहीं है कि यही एक विद्यालय है, जहां प्रवेश नहीं दिया जा रहा हो, शहर में कई विद्यालयों में कम अंक वाले छात्रों को प्रवेश नहीं मिल रहा है। इसी के चलते जनपद में गत दिवस प्रवेश से वंचित दो विद्यार्थियों ने अलग-अलग तरह से आत्महत्या कर ली है। एक छात्र ने दो दिन पूर्व पूराकलां में फांसी लगाकर जान दे दी, तो शहर के घुसयाना निवासी एक छात्र द्वारा ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली, जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।



छात्र नेताओं से बहस का ऑडियो वायरल
ललितपुर। शहर के एक इंटरमीडिएट विद्यालय में छात्र नेताओं द्वारा प्रवेश को लेकर प्रधानाचार्य से बहस का ऑडियो वायरल हो गया है। इस ऑडियो में छात्र नेताओं द्वारा प्रवेश नहीं लिए जाने के सवाल पर प्रधानाचार्य से सवाल पूछे गए, जिस पर उक्त प्रधानाचार्य छात्र नेताओं पर भड़क गए और काफी देर तक बहस जारी रही।

जीआईसी में नहीं है कला वर्ग
ललितपुर। शहर के एक मात्र राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा ग्यारह में कला वर्ग नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को अन्य विद्यालयों में प्रवेश के लिए भटकना पड़ रहा है, जबकि अन्य विद्यालयों द्वारा जीआईसी के छात्रों को प्रवेश देने में आनाकानी की जा रही है। ऐसे में परेशान छात्रों को ही होना पड़ रहा है।


विद्यालयों मेें प्रवेश की तिथि पांच अगस्त तक रखी गई हैं। यदि किसी भी छात्र को प्रवेश में कोई परेशानी हो रही है, तो वह उनके मोबाइल नंबर  9411900286 पर संपर्क कर सकता है या फिर उनसे सीधे मिलकर समस्या बता सकता है। प्रवेश समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।
- चंद्रचूड़ दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।
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