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‘प्रवासी’ एप पर 17 हजार से अधिक मजदूरों का डाटा अपलोड
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ललितपुर। लॉकडाउन के कारण जिले से बाहर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों को गांव में रोजगार देने के लिए उनका ब्योरा तैयार किया जा रहा है। यह ब्योरा ‘प्रवासी’ एप पर अपलोड किया जा रहा है। अब तक 17,922 मजदूरों के नाम, पता समेत अन्य जानकारियों को अपलोड कर लिया गया है।
लॉकडाउन के कारण बाहर काम करने वाले मजदूरों का रोजगार छिन गया है। इस कारण वह अपने बच्चों सहित गांव वापस लौट आए हैं। गांव में उनके लिए रोजगार बड़ी समस्या है। प्रदेश सरकार ने ऐसे मजदूरों के लिए रोजगार देने का निर्णय लिया है। लेकिन, इससे पहले मजदूरों का ब्योरा जुटाया जा रहा है कि आखिर वह कितने कुशल हैं। शासन ने मजदूरों का पूरा ब्योरा 27 कॉलम में मांगा है। इस ब्योरे को ‘प्रवासी’ एप पर अपलोड किया जा रहा है। प्रति ब्लाक आठ, प्रति तहसील आठ, नगर पालिका और नगर पंचायत सभी जगह ब्योरा इकट्ठा किया जा रहा है। इसमें रोजगार सेवक और लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। अब तक जो ब्योरा इकट्ठा किया गया है, उसमें 17122 ग्रामीण और 800 नगरीय क्षेत्र में आए लोगों का डाटा तैयार कर लिया गया है। इसमें 3,533 कुशल श्रमिक व 14,389 अकुशल श्रमिक हैं। जो कुशल श्रमिक हैं, उनमें ड्राइवर, बढ़ईगीरी, मोची, राजमिस्त्री आदि काम करने वाले हैं। इनमें से 18 साल से कम लोगों का ब्योरा अलग से तैयार हो रहा है। सभी का नाम व पता दर्ज किया जा रहा है तथा बैंक नाम, बैंक खाता नंबर, आधार नंबर आदि दर्ज किया जा रहा है। गांव-गांव जाकर ऐसे सभी लोगों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा।
बाहर से आए सभी लोगों का ब्योरा ‘प्रवासी’ एप पर दर्ज किया जा रहा है। इसमें देखा जाएगा कि कौन कुशल श्रमिक है और कौन अकुशल है, उसी आधार पर लोगों को काम दिया जाएगा।
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- अनिल कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
प्रवासी श्रमिकों से आवेदन मांगे
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत प्रवासी कामगारों के लिए प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए टूल किट देने का निर्णय लिया है। इच्छुक प्रवासी कामगार, जो जिले में रह कर अपना पारंपरिक कार्य जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, राजमिस्त्री, मोची, हलवाई का काम करना चाहते हैं, वह आवेदन जमा कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत प्रशिक्षार्थियों को मानदेय दिया जाएगा। इच्छुक प्रवासी पारम्परिक कामगार विभाग की ऑनलाइन साइट www.diupmsme.upsdc.gov.in पर जाकर समस्त कागजातों को संलग्न करके आवेदन कर सकते है। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त एसके सूर्यवंशी ने आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, बैंक पासबुक और फोटो लगाने को कहा है। आवेदन पत्र भरकर ऑनलाइन प्राप्त होने पर अभ्यार्थियों का चयन समिति से कराकर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। प्रशिक्षण के बाद टूल किट एवं मानदेय दिया जाएगा।
लॉकडाउन के कारण बाहर काम करने वाले मजदूरों का रोजगार छिन गया है। इस कारण वह अपने बच्चों सहित गांव वापस लौट आए हैं। गांव में उनके लिए रोजगार बड़ी समस्या है। प्रदेश सरकार ने ऐसे मजदूरों के लिए रोजगार देने का निर्णय लिया है। लेकिन, इससे पहले मजदूरों का ब्योरा जुटाया जा रहा है कि आखिर वह कितने कुशल हैं। शासन ने मजदूरों का पूरा ब्योरा 27 कॉलम में मांगा है। इस ब्योरे को ‘प्रवासी’ एप पर अपलोड किया जा रहा है। प्रति ब्लाक आठ, प्रति तहसील आठ, नगर पालिका और नगर पंचायत सभी जगह ब्योरा इकट्ठा किया जा रहा है। इसमें रोजगार सेवक और लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। अब तक जो ब्योरा इकट्ठा किया गया है, उसमें 17122 ग्रामीण और 800 नगरीय क्षेत्र में आए लोगों का डाटा तैयार कर लिया गया है। इसमें 3,533 कुशल श्रमिक व 14,389 अकुशल श्रमिक हैं। जो कुशल श्रमिक हैं, उनमें ड्राइवर, बढ़ईगीरी, मोची, राजमिस्त्री आदि काम करने वाले हैं। इनमें से 18 साल से कम लोगों का ब्योरा अलग से तैयार हो रहा है। सभी का नाम व पता दर्ज किया जा रहा है तथा बैंक नाम, बैंक खाता नंबर, आधार नंबर आदि दर्ज किया जा रहा है। गांव-गांव जाकर ऐसे सभी लोगों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा।
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बाहर से आए सभी लोगों का ब्योरा ‘प्रवासी’ एप पर दर्ज किया जा रहा है। इसमें देखा जाएगा कि कौन कुशल श्रमिक है और कौन अकुशल है, उसी आधार पर लोगों को काम दिया जाएगा।
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प्रवासी श्रमिकों से आवेदन मांगे
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत प्रवासी कामगारों के लिए प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए टूल किट देने का निर्णय लिया है। इच्छुक प्रवासी कामगार, जो जिले में रह कर अपना पारंपरिक कार्य जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, राजमिस्त्री, मोची, हलवाई का काम करना चाहते हैं, वह आवेदन जमा कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत प्रशिक्षार्थियों को मानदेय दिया जाएगा। इच्छुक प्रवासी पारम्परिक कामगार विभाग की ऑनलाइन साइट www.diupmsme.upsdc.gov.in पर जाकर समस्त कागजातों को संलग्न करके आवेदन कर सकते है। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त एसके सूर्यवंशी ने आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, बैंक पासबुक और फोटो लगाने को कहा है। आवेदन पत्र भरकर ऑनलाइन प्राप्त होने पर अभ्यार्थियों का चयन समिति से कराकर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। प्रशिक्षण के बाद टूल किट एवं मानदेय दिया जाएगा।