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कस्तूरबा विद्यालय को फ्रिज और जनरेटर
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sat, 06 Aug 2016 10:59 PM IST
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विद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को फ्रिज के साथ जनरेटर और डीजल की भी व्यवस्था कर दी गई है। साथ ही प्रतिदिन छात्राओं को दूध का भी इंतजाम किया गया है। जिले के विकासखंड कबरई, चरखारी, जैतपुर और विकासखंड पनवाड़ी के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रहने वाली छात्राओं को पढ़ाई के साथ साथ अब अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। गर्मी और बारिश के दिनों में फ्रिज का ठंडा पानी मिलेगा। बिजली जाने पर पढ़ाई किसी भी तरह का व्यवधान पैदा न हो इस गरज से छात्राओं के लिए आवासीय विद्यालय में बड़े जनरेटर का इंतजाम किया गया है। गर्मी में ठंडे पानी का इंतजाम होने के साथ साथ सर्दी में नहाने धोने के लिए गरम पानी के लिए गीजर भी लगवा दिए गए है। गीजर गैस सिस्टम से होने के कारण बिजली जाने पर भी छात्राओं को गर्म पानी मिलेगा। इतना ही नहीं अध्ययनरत छात्राओं को प्रतिदिन 200 एमएल दूध भी दिया जाएगा। इसके लिए पैसा भी आवंटित कर दिया गया है। माह के अंतिम शनिवार को छात्राओं को केक वितरित किया जा रहा है।
विकलांग बच्चों को मिले बेड
विकलांग आवासीय विद्यालयों की भी तस्वीर बदल गई है। जमीन पर लेटने वाले विकलांग बच्चों के लिए भी बेसिक शिक्षा विभाग ने बेहतर इंतजाम किए हैं। प्रत्येक बच्चे के लेटने के लिए बेड बिछाने और ओढ़ने के लिए गद्दा रजाई के साथ साथ खाद्यान्न सामग्री में भी बेहतर सुधार किया गया है।
कस्तूबा गांधी आवासीय विद्यालय और विकलांग आवासीय विद्यालय के छात्र छात्राओं को शासन द्वारा भेजी जाने वाली धनराशि को शिस्टमैटिक तरीके से खर्च करके उन्हें उतने ही बजट में बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया गया है।
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रामेश्वर प्रसाद-बीएसए
विकलांग बच्चों को मिले बेड
विकलांग आवासीय विद्यालयों की भी तस्वीर बदल गई है। जमीन पर लेटने वाले विकलांग बच्चों के लिए भी बेसिक शिक्षा विभाग ने बेहतर इंतजाम किए हैं। प्रत्येक बच्चे के लेटने के लिए बेड बिछाने और ओढ़ने के लिए गद्दा रजाई के साथ साथ खाद्यान्न सामग्री में भी बेहतर सुधार किया गया है।
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कस्तूबा गांधी आवासीय विद्यालय और विकलांग आवासीय विद्यालय के छात्र छात्राओं को शासन द्वारा भेजी जाने वाली धनराशि को शिस्टमैटिक तरीके से खर्च करके उन्हें उतने ही बजट में बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया गया है।
रामेश्वर प्रसाद-बीएसए