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Mathura News: मृत्युभोज का बचा भोजन खाने से 12 गोवंशों की मौत
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मृतक गाय को गड्ढे में डालते हुए और ट्रक में लाते हुए रिफाइनरी थाना प्रभारी पशु आईपीएस जयविन्द ग
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रिफाइनरी (मथुरा)। थाना रिफाइनरी क्षेत्र के गांव भैंसा स्थित गोशाला में मृत्युभोज के बाद बचा भोजन खिलाए जाने से एक दर्जन गोवंशों की मौत हो गई, जबकि कई बीमार हो गईं। घटना के बाद से गोसेवकों में आक्रोश है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच के आदेश दिए हैं।
गांव भैंसा के प्रधान जगन्नाथ सिंह का हाल ही में हृदयाघात से निधन हो गया था। बुधवार को बड़े स्तर पर मृत्युभोज आयोजित किया गया, जिसमें चौरासी गांवों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के बाद बड़ी मात्रा में बचा हुआ दही और पुआ गांव के बाहर स्थित गोशाला में गोवंशों को खिलाने के लिए भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के चलते भोजन खराब हो गया था। शुक्रवार को जैसे ही गोवंशों ने यह भोजन खाया, उनकी हालत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक कई गोवंशों के मुंह से झाग निकलने लगे। एक दर्जन गोवंश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इससे गोशाला व गांव में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर आदेश कुमार एवं थाना प्रभारी जयविंद गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वेटरनेरी कॉलेज से पशु चिकित्सकों की टीम बुलाकर बीमार गोवंशों का उपचार शुरू कराया गया।
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गंभीर हालत में मिले सात गोवंशों को वृंदावन और नंदगांव स्थित पशु चिकित्सालय भेजा गया है। मृत गोवंश को प्रशासन ने जेसीबी से जमीन में गड्ढा खुदवाकर पोस्टमार्टम के बाद दफन करवा दिया। इधर घटना के बाद गांव में गुस्से का माहौल है। गोसेवकों का कहना है कि लापरवाही के कारण बेजुबान गोवंशों की जान गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। करीब एक वर्ष पूर्व फरह क्षेत्र में भी खीर-पुआ खाने से सात गोवंशों की मौत हो गई थी।
एसडीएम सदर आदेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला फूड प्वाइजनिंग का प्रतीत हो रहा है। अब तक एक दर्जन गोवंशों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य का उपचार जारी है। गोसेवकों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गांव भैंसा के प्रधान जगन्नाथ सिंह का हाल ही में हृदयाघात से निधन हो गया था। बुधवार को बड़े स्तर पर मृत्युभोज आयोजित किया गया, जिसमें चौरासी गांवों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के बाद बड़ी मात्रा में बचा हुआ दही और पुआ गांव के बाहर स्थित गोशाला में गोवंशों को खिलाने के लिए भेज दिया गया।
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बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के चलते भोजन खराब हो गया था। शुक्रवार को जैसे ही गोवंशों ने यह भोजन खाया, उनकी हालत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक कई गोवंशों के मुंह से झाग निकलने लगे। एक दर्जन गोवंश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इससे गोशाला व गांव में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर आदेश कुमार एवं थाना प्रभारी जयविंद गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वेटरनेरी कॉलेज से पशु चिकित्सकों की टीम बुलाकर बीमार गोवंशों का उपचार शुरू कराया गया।
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एसडीएम सदर आदेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला फूड प्वाइजनिंग का प्रतीत हो रहा है। अब तक एक दर्जन गोवंशों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य का उपचार जारी है। गोसेवकों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

मृतक गाय को गड्ढे में डालते हुए और ट्रक में लाते हुए रिफाइनरी थाना प्रभारी पशु आईपीएस जयविन्द ग

मृतक गाय को गड्ढे में डालते हुए और ट्रक में लाते हुए रिफाइनरी थाना प्रभारी पशु आईपीएस जयविन्द ग

मृतक गाय को गड्ढे में डालते हुए और ट्रक में लाते हुए रिफाइनरी थाना प्रभारी पशु आईपीएस जयविन्द ग