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बुखार, चिकनगुनिया से तीन की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 12 Sep 2016 02:26 AM IST
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जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मरीज को जमीन पर पड़ा देख डॉक्टर को हड़काते सपा नेता रफीक अंसारी।
- फोटो : अमर उजाला
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पल्लवपुरम फेज एक की डबल स्टोरी में चिकनगुनिया से 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। कस्बा जानी में बुखार से पीड़ित सात वर्षीय बच्चे और 17 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। वहीं, जानी में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
पल्लवपुरम फेज एक की डबल स्टोरी निवासी अमरनाथ शर्मा (55) को पिछले कई दिन से बुखार था। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने बताया था कि उन्हें चिकनगुनिया है। उनका पल्हैड़ा चौराहे पर स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उपचार चल रहा था, जहां रविवार सुबह अमरनाथ की मौत हो गई।
उधर, कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि बुखार से कॉलोनी के कई लोग पीड़ित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई यहां पर कैंप नहीं लगाया गया है। वहीं, जानी में सात वर्षीय निर्मल पुत्र मोहनदास को चार दिन पूर्व बुखार आया था। उसका मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था। निर्मल की शनिवार देर शाम मौत हो गई। निर्मल केजी का छात्र था। वहीं, सीएलएम इंटर कॉलेज कीकक्षा बारह की छात्रा गुड़िया पुत्री अजित सिंह को दो दिन पूर्व बुखार हुआ था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बुखार के चलते हुई मौत से लोगों में दहशत है। ग्रामीणों के अनुसार हर घर में बुखार से पीड़ित हैं। प्रधान हरिओम के अनुसार वह चिकित्सकों की टीम भेजने के लिए उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वहीं, जानीखुर्द पीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि वह सोमवार को टीम भेजकर दोनों बच्चों की मौत के मामले की जांच कराएंगे।
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रफीक ने लगाई चिकित्सकों काे फटकार
सपा के दर्जा प्राप्त मंत्री और शहर सीट से प्रत्याशी रफीक अंसारी ने रविवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। कई कमी मिलने पर डॉक्टरों को हड़काया। इमरजेंसी में एक बेड पर दोे मरीज लेटे मिले। रविवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे रफीक अंसारी जिला अस्पताल पहुंचे।
इमरजेंसी बुखार के मरीजों से फुल थी। कई बेड पर एक जगह दो-दो मरीज लेटे हुए थे। इमरजेंसी में पानी भरा होने की शिकायत थी। मंत्री वार्ड में भी पहुंचे और मरीजों का हाल जाना। किसी ने बेड नहीं मिलने तो किसी ने डॉक्टर समय पर नहीं आने की शिकायत की। ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने के लिए एक मरीज के पास स्टैंड नहीं था। स्वीपर हाथ में बोतल लेकर खड़ा था। इस पर रफीक अंसारी ने नाराजगी जताई। डॉक्टरों को हड़काया।
पल्लवपुरम फेज एक की डबल स्टोरी निवासी अमरनाथ शर्मा (55) को पिछले कई दिन से बुखार था। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने बताया था कि उन्हें चिकनगुनिया है। उनका पल्हैड़ा चौराहे पर स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उपचार चल रहा था, जहां रविवार सुबह अमरनाथ की मौत हो गई।
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उधर, कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि बुखार से कॉलोनी के कई लोग पीड़ित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई यहां पर कैंप नहीं लगाया गया है। वहीं, जानी में सात वर्षीय निर्मल पुत्र मोहनदास को चार दिन पूर्व बुखार आया था। उसका मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था। निर्मल की शनिवार देर शाम मौत हो गई। निर्मल केजी का छात्र था। वहीं, सीएलएम इंटर कॉलेज कीकक्षा बारह की छात्रा गुड़िया पुत्री अजित सिंह को दो दिन पूर्व बुखार हुआ था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बुखार के चलते हुई मौत से लोगों में दहशत है। ग्रामीणों के अनुसार हर घर में बुखार से पीड़ित हैं। प्रधान हरिओम के अनुसार वह चिकित्सकों की टीम भेजने के लिए उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वहीं, जानीखुर्द पीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि वह सोमवार को टीम भेजकर दोनों बच्चों की मौत के मामले की जांच कराएंगे।
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इमरजेंसी बुखार के मरीजों से फुल थी। कई बेड पर एक जगह दो-दो मरीज लेटे हुए थे। इमरजेंसी में पानी भरा होने की शिकायत थी। मंत्री वार्ड में भी पहुंचे और मरीजों का हाल जाना। किसी ने बेड नहीं मिलने तो किसी ने डॉक्टर समय पर नहीं आने की शिकायत की। ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने के लिए एक मरीज के पास स्टैंड नहीं था। स्वीपर हाथ में बोतल लेकर खड़ा था। इस पर रफीक अंसारी ने नाराजगी जताई। डॉक्टरों को हड़काया।