चुनावी साल में बवाल की साजिश, अलर्ट
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खासकर आईजी जोन और डीआईजी रेंज को निर्देश दिए हैं कि वे चुनावी साल में छोटी-छोटी वारदातों को न केवल गंभीरता से लें, बल्कि मौके पर जाकर उन्हें निपटाएं। इसके अलावा केंद्रीय टीम आर्मी इंटेलीजेंस के साथ मिलकर खुराफाती तत्वों पर नजर रखेगी।
मेरठ जिले की बात करें तो पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें छोटी-छोटी घटनाओं को तूल देने की कोशिश की गईं। मामूली कहासुनी के बाद गोलीबारी और आगजनी करके माहौल खराब कराने का प्रयास किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मेरठ, सहारनपुर, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर में विगत तीन माह में करीब 13 वारदातों को जबरन तूल देने की कोशिश की गई।
चर्चित रहे ये प्रकरण
- सपा के नामित पार्षद डॉ. जाहिद की मवाना में गोली मारकर हत्या की गई। जिसके बाद मवाना को बवाल की आग में झोंकने का प्रयास किया गया। हत्या के विरोध में स्थानीय लोग नहीं, बल्कि बवाली लोग ज्यादा थे। पुलिस की जांच में आगजनी और तोड़फोड़ करने वाले ऐसे 15 लोग थे, जिनका डॉ. जाहिद से कोई लेना-देना नहीं था।
- कोचुवेली-देहरादून एक्सप्रेस में सीट पर बैठने को लेकर हुई नासिर की हत्या के मामले को गरमाने की कोशिश की गई। सियासी बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया। जिसकी रिपोर्ट खुफिया विभाग ने गृह मंत्रालय को भेजी। हालांकि जीआरपी ने नौ लोगों को गिरफ्तार कर इसका खुलासा कर दिया।
- कंकरखेड़ा के लाला मोहम्मदपुर गांव में दो पक्षों की आपसी रंजिश में परचून की दुकान पर बैठे तीसरे शख्स हसन की हत्या को लेकर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी।
बवालियों की बनेगी सूची
मेरठ जोन में 2718 लोग ऐसे पहचाने गए जो माहौल खराब कराने की कोशिश करते है। जिनके खिलाफ प्रत्येक चुनाव से मुचलका पाबंद की कार्यवाही होती है। इस बार इस सूची को नए सिरे से बनाया जाएगा। थाना स्तर पर बवालियों का डाटा तैयार किया जा रहा है।
रोजाना जाएगी रिपोर्ट
हर छोटे-बड़े मामले की रिपोर्ट पुलिस-प्रशासन को जोन स्तर पर रोजाना लखनऊ के अलावा गृह मंत्रालय को भी भेजनी होगी। जून माह से यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी।
आतंकी गतिविधियों पर नजर
वेस्ट यूपी में आतंकी साये को देखते हुए विधानसभा चुनाव में कोई खुराफात न हो जाए। इसके लिए आईजी ने स्वाट को सभी जिलों में मजबूत करने की बात कही। आईजी के अनुसार स्वाट को क्राइम ब्रांच से हटाकर विशुद्ध तरीके से आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाया जाएगा।
कोट
छोटी-छोटी घटनाओं को तूल देने की कोशिश हो रही हैं। विधानसभा चुनाव करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। अलर्ट जारी करते हुए बवालियों की सूची बनाई जा रही है। - सुजीत पांडेय, आईजी जोन, मेरठ