{"_id":"6a2c179b2c897ba0c209510b","slug":"lawyers-stage-a-lockout-in-protest-against-the-e-registration-system-meerut-news-c-44-1-smrt1055-112658-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं ने की तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं ने की तालाबंदी
विज्ञापन
सरधना। ई-रजिस्ट्रेशन के विरोध में धरना-प्रदर्शन के बाद तहसीलदार ज्योति सिंह को ज्ञापन देते अधि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- ज्ञापन से जताई आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ई-रजिस्ट्रीकरण (पेपरलेस) व्यवस्था और उपनिबंधक कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में शुक्रवार को सरधना बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर प्रस्तावित व्यवस्था वापस लेने की मांग की। साथ ही जिला जज अरविंद मिश्रा को अस्थायी कोर्ट के निर्माण के लिए भी ज्ञापन दिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सैय्यद आरिफ अली और महामंत्री संजीव पंवार के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार उपनिबंधक कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र में परिवर्तन कर विभिन्न प्रकार के निबंधन कार्यों को विकास प्राधिकरण कार्यालयों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है। उनका कहना है कि इससे वर्तमान निबंधन व्यवस्था प्रभावित होगी और आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर लोगों को अपने दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अलग-अलग केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होगी। साथ ही निबंधन कार्यों से जुड़े अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और अन्य लोगों के समक्ष रोजगार का संकट भी खड़ा हो सकता है।
ज्ञापन में कहा कि वर्तमान व्यवस्था में नागरिक अपने क्षेत्र के उपनिबंधक कार्यालय में आसानी से रजिस्ट्री संबंधी कार्य करा लेते हैं, जबकि नई व्यवस्था से प्रक्रियाएं अधिक जटिल हो सकती हैं। बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ई-रजिस्ट्रीकरण (पेपरलेस) व्यवस्था और उपनिबंधक कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में शुक्रवार को सरधना बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर प्रस्तावित व्यवस्था वापस लेने की मांग की। साथ ही जिला जज अरविंद मिश्रा को अस्थायी कोर्ट के निर्माण के लिए भी ज्ञापन दिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सैय्यद आरिफ अली और महामंत्री संजीव पंवार के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार उपनिबंधक कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र में परिवर्तन कर विभिन्न प्रकार के निबंधन कार्यों को विकास प्राधिकरण कार्यालयों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है। उनका कहना है कि इससे वर्तमान निबंधन व्यवस्था प्रभावित होगी और आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर लोगों को अपने दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अलग-अलग केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होगी। साथ ही निबंधन कार्यों से जुड़े अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और अन्य लोगों के समक्ष रोजगार का संकट भी खड़ा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा कि वर्तमान व्यवस्था में नागरिक अपने क्षेत्र के उपनिबंधक कार्यालय में आसानी से रजिस्ट्री संबंधी कार्य करा लेते हैं, जबकि नई व्यवस्था से प्रक्रियाएं अधिक जटिल हो सकती हैं। बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।