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Meerut News: सात ब्रह्मचारियों का समावर्तन संस्कार संपन्न
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वैदिक परंपरा के अनुसार शिक्षा पूर्ण कर समाज जीवन में प्रवेश का मिला अवसर
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गुरुकुल प्रभात आश्रम में अपनी शिक्षा पूर्ण कर चुके सात ब्रह्मचारियों शिवांश, शिवम्, सत्यम, अंकित, सूरज, प्रभात एवं ऋतेश का समावर्तन संस्कार विधिवत संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में ब्रह्मचारियों को गुरुकुलीय शिक्षा पूर्ण कर समाज में अपने आगामी जीवन के दायित्वों का निर्वहन करने हेतु विदाई प्रदान की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गुरुकुल कांगड़ी के पूर्व कुलपति आचार्य सोमदेव सुधांशु, प्रोफेसर विजयपाल आर्य एवं राजेश सेठी ने शिक्षा पूर्ण कर चुके ब्रह्मचारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में प्राप्त संस्कारों, वैदिक ज्ञान एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समाज के बीच प्रसारित करना उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। साथ ही उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी ब्रह्मचारी अपने श्रेष्ठ आचरण एवं कार्यों से गुरुकुल की प्रतिष्ठा को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
गुरुकुल के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने सभी ब्रह्मचारियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए धर्म मार्ग पर चलने तथा वेदानुकूल जीवन जीने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. यशपाल, अशोक सुधाकर, अमितकांत, राष्ट्रवर्धन मुनि, आचार्य डॉ. वाचस्पति तथा वेदपाल चपराना रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गुरुकुल प्रभात आश्रम में अपनी शिक्षा पूर्ण कर चुके सात ब्रह्मचारियों शिवांश, शिवम्, सत्यम, अंकित, सूरज, प्रभात एवं ऋतेश का समावर्तन संस्कार विधिवत संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में ब्रह्मचारियों को गुरुकुलीय शिक्षा पूर्ण कर समाज में अपने आगामी जीवन के दायित्वों का निर्वहन करने हेतु विदाई प्रदान की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गुरुकुल कांगड़ी के पूर्व कुलपति आचार्य सोमदेव सुधांशु, प्रोफेसर विजयपाल आर्य एवं राजेश सेठी ने शिक्षा पूर्ण कर चुके ब्रह्मचारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में प्राप्त संस्कारों, वैदिक ज्ञान एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समाज के बीच प्रसारित करना उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। साथ ही उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी ब्रह्मचारी अपने श्रेष्ठ आचरण एवं कार्यों से गुरुकुल की प्रतिष्ठा को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
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गुरुकुल के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने सभी ब्रह्मचारियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए धर्म मार्ग पर चलने तथा वेदानुकूल जीवन जीने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. यशपाल, अशोक सुधाकर, अमितकांत, राष्ट्रवर्धन मुनि, आचार्य डॉ. वाचस्पति तथा वेदपाल चपराना रहे।