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Meerut News: संस्कार शिविर धर्म, साधना और संस्कारों का संगम
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शास्त्री नगर में लगाया गया बच्चों का संस्कार शिविर
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शास्त्रीनगर जैन मंदिर में शिक्षण एवं संस्कार शिविर का पाचवां दिन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर जैन मंदिर में श्रमण संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित शिक्षण एवं संस्कार शिविर के पाचवें दिन श्रद्धा, अनुशासन एवं आध्यात्मिक जागरण के वातावरण में संपन्न हुआ। दिनभर आयोजित विभिन्न सत्रों में शिविरार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए धर्म के गूढ़ सिद्धांतों का ज्ञान प्राप्त किया।
प्रातकालीन सत्र की शुरुआत भक्ति, जाप, ध्यान एवं साधना से हुई। पीयूष शास्त्री ने जैन दर्शन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर सरल एवं प्रभावशाली प्रकाश डाला। उन्होंने मुनि चर्या का उल्लेख करते हुए कहा कि मुनिराजों का जीवन त्याग, संयम और तपस्या का सर्वोच्च उदाहरण है। उनकी सेवा करना अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।
अध्यक्ष देवेंद्र जैन ने बताया कि बालबोध कक्षा में बच्चों को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जीवन एवं उनके द्वारा मानव समाज को दी गई कृषि, कला और जीवन पद्धति संबंधी शिक्षाओं से परिचित कराया गया। मंत्री नवीन जैन ने बताया कि दिन के अंतिम सत्र में त्रिलोक का विस्तृत वर्णन किया गया। इस अवसर पर संगठन मंत्री राजेश, संयोजक अमित एवं दयाचंद्र सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर जैन मंदिर में श्रमण संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित शिक्षण एवं संस्कार शिविर के पाचवें दिन श्रद्धा, अनुशासन एवं आध्यात्मिक जागरण के वातावरण में संपन्न हुआ। दिनभर आयोजित विभिन्न सत्रों में शिविरार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए धर्म के गूढ़ सिद्धांतों का ज्ञान प्राप्त किया।
प्रातकालीन सत्र की शुरुआत भक्ति, जाप, ध्यान एवं साधना से हुई। पीयूष शास्त्री ने जैन दर्शन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर सरल एवं प्रभावशाली प्रकाश डाला। उन्होंने मुनि चर्या का उल्लेख करते हुए कहा कि मुनिराजों का जीवन त्याग, संयम और तपस्या का सर्वोच्च उदाहरण है। उनकी सेवा करना अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।
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अध्यक्ष देवेंद्र जैन ने बताया कि बालबोध कक्षा में बच्चों को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जीवन एवं उनके द्वारा मानव समाज को दी गई कृषि, कला और जीवन पद्धति संबंधी शिक्षाओं से परिचित कराया गया। मंत्री नवीन जैन ने बताया कि दिन के अंतिम सत्र में त्रिलोक का विस्तृत वर्णन किया गया। इस अवसर पर संगठन मंत्री राजेश, संयोजक अमित एवं दयाचंद्र सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।