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Moradabad News: सूबे के 7.58 लाख पंचायत सदस्य हो गए निवर्तमान
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मुरादाबाद। ग्राम प्रधानी तो अब खत्म हो गई लेकिन प्रधान नई शक्तियों के साथ प्रशासक बन गए हैं। इसके साथ ही मुरादाबाद मंडल की 3692 ग्राम पंचायतों सहित प्रदेश की सभी 57694 ग्राम पंचायतों की चुनी हुई गांव की सरकार के कार्यकाल के साथ ही कुल 7.58 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का कार्यकाल भी खत्म हो गया है। ग्राम पंचायतों की सभी समितियां खत्म हो गई हैं, सभी के सारे अधिकार प्रशासक में निहित हो गए हैं। अब प्रशासक अपने पंचायत सचिव के साथ इकलौते संचालक बन गए हैं।
बुधवार से गांवों के प्रधान नई पारी शुरू कर रहे हैं, शासनादेश में दी गई शक्तियों को देखें तो प्रधान पहले से अधिक शक्तिशाली हो गए हैं, इससे पहले ग्राम पंचायत में कोई कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायत की बैठक करनी होती थी, उसमें प्रस्ताव पारित करने की परंपरा का निर्वहन करना होता था लेकिन अब किसी बैठक की आवश्यकता नहीं होगी। प्रशासक खुद ही निर्णय कर सकेगा। भले ही नीतिगत निर्णय का अधिकार न हो लेकिन पूरी ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी इकलौते प्रशासक के पास ही होगी। ग्राम पंचायतों की चुनी हुई छोटी सरकार का कार्यकाल खत्म होते ही, प्रदेशभर की सभी ग्राम पंचायतों में लगभग 7.58 लाख ग्राम पंचायत सदस्य अब निवर्तमान हो गए हैं, नई पारी में इन्हें कोई भूमिका नहीं दी गई है। सभी समितियां भी स्वत: ही भंग हो गई हैं।
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नया बजट नहीं, सिर्फ पुराने कार्य ही होंगे
- भले ही निवर्तमान प्रधान प्रशासक बन गए हैं, पहले से अधिक अधिकार भी मिल गए हैं लेकिन कोई नया विकास कार्य फिलहाल नहीं करा पाएंगे। जो धनराशि 15वें वित्त आयोग की अवशेष है, सिर्फ उसी धनराशि से पहले से प्रस्तावित कार्य करा पाएंगे। क्योंकि अभी तक अक्तूबर नवंबर 2025 में वित्तीय वर्ष 2026 के लिए तैयार की गई कार्ययोजना पोर्टल पर अपलोड नहीं की जा सकी है। इसका कारण यह है कि सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल को नई कार्ययोजना के लिए खोला ही नहीं है। हालांकि विभागीय अधिकारी बताते हैं कि नई व्यवस्था में अब कार्ययोजना को अपलोड करने के लिए पोर्टल खोला जाएगा, इसके बाद ही पहले से तैयार कार्य योजना के आधार पर ही ग्राम पंचायतों में नए विकास कार्य कराए जा सकेंगे। फिलहाल तो नए वित्तीय वर्ष के दो महीने बीतने को हैं लेकिन ग्राम पंचायतों में कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं किया जा सका है और न ही कोई बजट आवंटित हो सका है।
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फोटो-1005
सरकार ने किया प्रधानों की भावनाओं का सम्मान: जितेंद्र चौधरी
- प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानों को नई पंचायतों के गठन तक प्रशासक बनाकर जो जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर सभी प्रशासक खरे उतरेंगे। यह ग्रामीणों व प्रधानों की भावनाओं का सम्मान है। वर्तमान प्रशासक ग्राम पंचायतों में सामान्य प्रशासनिक एवं विकास कार्यों का संचालन करेंगे। अखिल भारतीय प्रधान संगठन की मांग को सरकार ने पूरा किया है। यह निर्णय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा।
-जितेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय प्रधान संगठन
बुधवार से गांवों के प्रधान नई पारी शुरू कर रहे हैं, शासनादेश में दी गई शक्तियों को देखें तो प्रधान पहले से अधिक शक्तिशाली हो गए हैं, इससे पहले ग्राम पंचायत में कोई कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायत की बैठक करनी होती थी, उसमें प्रस्ताव पारित करने की परंपरा का निर्वहन करना होता था लेकिन अब किसी बैठक की आवश्यकता नहीं होगी। प्रशासक खुद ही निर्णय कर सकेगा। भले ही नीतिगत निर्णय का अधिकार न हो लेकिन पूरी ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी इकलौते प्रशासक के पास ही होगी। ग्राम पंचायतों की चुनी हुई छोटी सरकार का कार्यकाल खत्म होते ही, प्रदेशभर की सभी ग्राम पंचायतों में लगभग 7.58 लाख ग्राम पंचायत सदस्य अब निवर्तमान हो गए हैं, नई पारी में इन्हें कोई भूमिका नहीं दी गई है। सभी समितियां भी स्वत: ही भंग हो गई हैं।
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नया बजट नहीं, सिर्फ पुराने कार्य ही होंगे
- भले ही निवर्तमान प्रधान प्रशासक बन गए हैं, पहले से अधिक अधिकार भी मिल गए हैं लेकिन कोई नया विकास कार्य फिलहाल नहीं करा पाएंगे। जो धनराशि 15वें वित्त आयोग की अवशेष है, सिर्फ उसी धनराशि से पहले से प्रस्तावित कार्य करा पाएंगे। क्योंकि अभी तक अक्तूबर नवंबर 2025 में वित्तीय वर्ष 2026 के लिए तैयार की गई कार्ययोजना पोर्टल पर अपलोड नहीं की जा सकी है। इसका कारण यह है कि सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल को नई कार्ययोजना के लिए खोला ही नहीं है। हालांकि विभागीय अधिकारी बताते हैं कि नई व्यवस्था में अब कार्ययोजना को अपलोड करने के लिए पोर्टल खोला जाएगा, इसके बाद ही पहले से तैयार कार्य योजना के आधार पर ही ग्राम पंचायतों में नए विकास कार्य कराए जा सकेंगे। फिलहाल तो नए वित्तीय वर्ष के दो महीने बीतने को हैं लेकिन ग्राम पंचायतों में कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं किया जा सका है और न ही कोई बजट आवंटित हो सका है।
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सरकार ने किया प्रधानों की भावनाओं का सम्मान: जितेंद्र चौधरी
- प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानों को नई पंचायतों के गठन तक प्रशासक बनाकर जो जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर सभी प्रशासक खरे उतरेंगे। यह ग्रामीणों व प्रधानों की भावनाओं का सम्मान है। वर्तमान प्रशासक ग्राम पंचायतों में सामान्य प्रशासनिक एवं विकास कार्यों का संचालन करेंगे। अखिल भारतीय प्रधान संगठन की मांग को सरकार ने पूरा किया है। यह निर्णय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा।
-जितेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय प्रधान संगठन