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संभल में फिर बुलडोजर कार्रवाई: कसेरुआ इलाके में खाली कराई गई जमीन, एक दिन पहले ध्वस्त की थी मजार

संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: Vimal Sharma Updated Sat, 06 Jun 2026 04:05 PM IST
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सार

संभल के कसेरुआ गांव में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Sambhal Bulldozer action: Land cleared in Kaserua area; shrine had demolished day earlier
संभल में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान - फोटो : ANI
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विस्तार

संभल जिले के कसेरुआ गांव में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों ने अतिक्रमित भूमि को खाली कराया।

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कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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शासन की ओर से सरकारी जमीनों से कब्जे हटाने के आदेश हैं। गांव बाघऊ में राजस्व विभाग की टीम द्वारा की गई पैमाइश के बाद सरकारी जमीन पर मजार होने की पुष्टि हुई। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर मजार के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई से पहले मजार की देखरेख करने वाले को नोटिस भी जारी किया गया था। - कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी संभल
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मजार ध्वस्त कर खाली कराई सरकारी जमीन
इससे पहले बबराला थाना क्षेत्र के गांव बाघऊ में शुक्रवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर एक मजार को ध्वस्त करा दिया। अफसरों के मुताबिक यह मजार सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई थी। इस मामले की सुनवाई के बाद डीएम कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।

कार्रवाई के दौरान डीएम और एसपी भी मौके पर मौजूद रहे। राजस्व टीम और चार थानों की पुलिस की मौजूदगी में शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे से एक घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान करीब 100 वर्ग गज जमीन मजार के ध्वस्तीकरण के बाद खाली कराई गई।

अधिकारियों ने बताया कि गांव बाघऊ में गाटा संख्या 592 की भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है। इस पर कब्जा कर लगभग एक दशक पूर्व मजार बना ली गई थी। मजार की देखरेख इसी गांव के निवासी मुजावर अब्दुल अजीज द्वारा की जा रही थी।

लेखपाल की शिकायत पर करीब छह माह पूर्व मामला तहसील न्यायालय में और फिर जिलाधिकारी कोर्ट में पहुंचा। संबंधित पक्षों की सुनवाई में इस स्थान के सरकारी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डीएम न्यायालय ने इस अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था।

मौके पर मौजूद डीएम ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में तालाबों, चकमार्ग व अन्य सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

देखरेखकर्ता मौके से गायब
ग्रामीणों ने बताया कि मजार पर बुलडोजर कार्रवाई की जानकारी मिलने पर इसकी देखरेख करने वाले मुजावर अब्दुल अजीज इस स्थान को छोड़ कर चले गए। बाद में उन्होंने लोगों को बयान दिया कि यहां वर्षों से श्रद्धालु मन्नत मांगने आते रहे हैं। लोगों की आस्था से जुड़ा स्थान है। हालांकि उन्होंने अधिकारियों से इस तरह की कोई बात नहीं की।

महंत बोले, कुछ ईंटे रखकर हुई थी शुरुआत
मजार के करीब स्थित खेरेश्वर शिव मंदिर के महंत रामगिरी महाराज लंबे समय से इस निर्माण का विरोध कर रहे थे। महंत का कहना है कि प्रारंभ में यहां कुछ ईंटें रखी गई थीं लेकिन धीरे-धीरे स्थायी निर्माण कर लिया।

उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को न्यायालय के आदेश का पालन बताया। इस स्थान के पास खेरेश्वर शिव मंदिर के अलावा गोशाला, पंचायत सचिवालय आदि भी हैं। जहां आने-जाने वाले भी इस पर आपत्ति करते थे।
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