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धान खरीद: जुगाड़ के आगे ऑनलाइन फीडिंग भी फेल
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:34 PM IST
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धान खरीद: जुगाड़ के आगे ऑनलाइन फीडिंग भी फेल
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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धान खरीद में गड़बड़ी रोकने को शासन ने इस बार ऑनलाइन खरीद के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते क्रय एजेंसियों ने इसमें भी जुगाड़ निकाल लिया है। सेटिंग के बाद शाम को आंकड़ों की फीडिंग कर खरीद दर्शायी जा रही है जबकि क्रय केंद्रों पर खरीद होती नहीं दिख रही है।
कटाई और आवक तेज होने के बाद भी सरकारी खरीद धरातल पर नहीं हो रही है। अलबत्ता विभागीय आंकड़े बढने लगे हैं। विभागीय आंकड़ों की मानें तो अब तक 8300 मैट्रिक टन धान खरीद हो चुकी है। धान अथवा गेहूं खरीद में आंकड़े बाजी का खेल हर साल होता है। इसपर अंकुश लगाकर खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए शासान से इस बार ऑनलाइन खरीद के आदेश दिए थे। इसके तहत किसान द्वारा क्रय केंद्र पर धान बेचने के साथ ही उसकी डिटेल क्रय केंद्रों पर ही मौजूद कंप्यूटर पर ऑनलाइन फीड की जानी है। लेकिन विभागीय लापरवाही और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इसका भी जुगाड़ निकाल लिया गया है। नेट न चलने अथवा कंप्यूटर उपलब्ध न होने बहाना बनाकर उच्चाधिकारियों को गुमराह किया जाता है। इसके बाद शाम को क्रय केंद्र व राइस मिलों की सेटिंग के बाद कुछ खरीद पहले अभिलेखों में दर्शायी जाती है बाद में उन्हीं आंकड़ों को कंप्यूटर पर फीड कर दिया जाता है।
नहीं हुए राइस मिलर्स से एग्रीमेंट
सरकारी धान खरीद के क्रय एजेंसियों एवं राइस मिलर्स के बीच एग्रीमेंट होता है लेकिन कई एजेंसी प्रबंधकों ने अब तक राइस मिलर्स के साथ एग्रीमेंट नहीं किया है। इससे इन क्रय एजेंसियों पर धान खरीद बिल्कुल बंद है।
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मंडी में हो रही धान की बम्पर आवक
दीपावली का त्यौहार निकट आने के चलते धान की कटाई तेज हो गई है। इससे मंडी में आवक भी बढ़ रही है। मंगलवार को भी मंडी में धान की बम्पर आवक हुई। लेकिन सरकारी रेट न मिलने के कारण किसानों को आढ़तों के माध्यम से व्यापारियों के हाथ धान बेचना पड़ रहा है।
कटाई और आवक तेज होने के बाद भी सरकारी खरीद धरातल पर नहीं हो रही है। अलबत्ता विभागीय आंकड़े बढने लगे हैं। विभागीय आंकड़ों की मानें तो अब तक 8300 मैट्रिक टन धान खरीद हो चुकी है। धान अथवा गेहूं खरीद में आंकड़े बाजी का खेल हर साल होता है। इसपर अंकुश लगाकर खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए शासान से इस बार ऑनलाइन खरीद के आदेश दिए थे। इसके तहत किसान द्वारा क्रय केंद्र पर धान बेचने के साथ ही उसकी डिटेल क्रय केंद्रों पर ही मौजूद कंप्यूटर पर ऑनलाइन फीड की जानी है। लेकिन विभागीय लापरवाही और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इसका भी जुगाड़ निकाल लिया गया है। नेट न चलने अथवा कंप्यूटर उपलब्ध न होने बहाना बनाकर उच्चाधिकारियों को गुमराह किया जाता है। इसके बाद शाम को क्रय केंद्र व राइस मिलों की सेटिंग के बाद कुछ खरीद पहले अभिलेखों में दर्शायी जाती है बाद में उन्हीं आंकड़ों को कंप्यूटर पर फीड कर दिया जाता है।
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नहीं हुए राइस मिलर्स से एग्रीमेंट
सरकारी धान खरीद के क्रय एजेंसियों एवं राइस मिलर्स के बीच एग्रीमेंट होता है लेकिन कई एजेंसी प्रबंधकों ने अब तक राइस मिलर्स के साथ एग्रीमेंट नहीं किया है। इससे इन क्रय एजेंसियों पर धान खरीद बिल्कुल बंद है।
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