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Pilibhit News: 82.84 क्विंटल खाद्यान्न घोटाले के मामले में कोटेदार पर रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:37 PM IST
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पीलीभीत। ललौरीखेड़ा ब्लॉक की भूडा मगरासा ग्राम पंचायत स्थित उचित दर दुकान पर हुए औचक निरीक्षण में 82.84 क्विंटल खाद्यान्न कम मिलने के मामले में कार्रवाई की गई। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर जहानाबाद पुलिस ने कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियां और राशन वितरण में अनियमितताएं भी उजागर हुईं।
पूर्ति निरीक्षक नितिन पटेल की ओर से दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद 27 मई 2026 को उन्होंने उचित दर दुकान का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान पर आवश्यक सूचना बोर्ड, रेट सूची और टोल फ्री नंबर प्रदर्शित नहीं पाए गए। अंत्योदय कार्डधारकों की सूची भी अपठनीय स्थिति में मिली।
निरीक्षण के समय कोटेदार मुन्नी देवी और उनके पुत्र कृष्णपाल मौजूद थे, लेकिन टीम की ओर से मांगे जाने पर वे स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर समेत कोई भी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच टीम ने मौके पर मौजूद कई राशनकार्ड धारकों के बयान दर्ज किए। अधिकांश लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है।
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कई कार्डधारकों ने बताया कि मई के राशन वितरण के लिए ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें खाद्यान्न नहीं मिला। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि दुकान नियमित रूप से नहीं खुलती, इस कारण उन्हें दूसरे गांवों की दुकानों से राशन प्राप्त करना पड़ता है। इसके बाद दुकान और गोदाम में उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन कराया।
अभिलेखों के अनुसार, दुकान में 60.76 क्विंटल गेहूं और 40.33 क्विंटल चावल उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर गेहूं का एक भी बोरा नहीं मिला। इस प्रकार 60.76 क्विंटल गेहूं और 22.08 क्विंटल चावल समेत कुल 82.84 क्विंटल खाद्यान्न कम पाया गया। इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह ने बताया कि मामले में विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्ति निरीक्षक नितिन पटेल की ओर से दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद 27 मई 2026 को उन्होंने उचित दर दुकान का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान पर आवश्यक सूचना बोर्ड, रेट सूची और टोल फ्री नंबर प्रदर्शित नहीं पाए गए। अंत्योदय कार्डधारकों की सूची भी अपठनीय स्थिति में मिली।
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निरीक्षण के समय कोटेदार मुन्नी देवी और उनके पुत्र कृष्णपाल मौजूद थे, लेकिन टीम की ओर से मांगे जाने पर वे स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर समेत कोई भी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच टीम ने मौके पर मौजूद कई राशनकार्ड धारकों के बयान दर्ज किए। अधिकांश लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है।
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अभिलेखों के अनुसार, दुकान में 60.76 क्विंटल गेहूं और 40.33 क्विंटल चावल उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर गेहूं का एक भी बोरा नहीं मिला। इस प्रकार 60.76 क्विंटल गेहूं और 22.08 क्विंटल चावल समेत कुल 82.84 क्विंटल खाद्यान्न कम पाया गया। इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह ने बताया कि मामले में विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।