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Pratapgarh News: बीते 14 साल... पिंक शौचालय की दरकार
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वर्ष 2012 में लालगंज तहसील बनाई गई। इसके बाद यहां अधिवक्ताओं और वादकारियों की भीड़ जुटने लगी। महिला अधिवक्ता और वादकारी भी अपने-अपने मसलों को लेकर पहुंचने लगीं। समय के साथ तहसील में विकास के कार्य हुए। क्षेत्र भी विकसित हुआ लेकिन इन 14 सालों में महिला अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए अलग से शौचालय नहीं बन सका।
महिलाओं को सामुदायिक शौचालय का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। अधिकांश अधिवक्ता और वादकारी शौचालय जाने से कतराती हैं। उनका कहना है कि यहां पर हर समय पुरुषों का कब्जा रहता है। इस वजह से जाने में हिचक होती है।
वहीं, शासन का स्पष्ट आदेश है कि तहसील परिसर में महिलाओं के लिए अलग से सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। शौचालय में नियमित जलापूर्ति, साबुन, उचित रोशनी और सेनेटरी पैड डिस्पेंसर की उपलब्धता होनी चाहिए।
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नियमित साफ-सफाई के साथ महिला सफाई कर्मियों की देखरेख में शौचालय का संचालन किए जाने का आदेश है। दिव्यांग महिलाओं की सुलभता के लिए रैंप और विशेष सीट की व्यवस्था भी अनिवार्यता है। बावजूद इसके लालगंज तहसील परिसर में पिंक शौचालय नहीं है।
इनसेट-
सैकड़ों महिलाएं पहुंचती हैं तहसील
लालगंज तहसील में करीब 15 महिला अधिवक्ता प्रैक्टिस करती हैं। वहीं, दूर दराज से सैकड़ों महिलाएं तहसील आती हैं। शौचालय की सुविधा न होन से महिलाओं को परेशानी होती है। उनका कहना है कि तहसील तो छोड़िए आसपास भी कहीं कोई पिंक शौचालय नहीं है। इस वजह से सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
वर्जन
0 तहसील में शौचालय न होने से दिक्कत होती है। सार्वजनिक शौचालय में पुरुषों की भीड़ रहती है। - सुनीता देवी, रामपुर भेड़ियानी
0 शौचालय न होने से महिलाओं को परेशानी होती है। सामुदायिक शौचालय में पुरुषों की वजह से जाने में हिचक होती है। - लालती देवी, लालगंज
वर्जन-
शौचालय की साफ-सफाई का निर्देश दिया जाएगा। फिलहाल सार्वजनिक शौचालय में महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था से की गई है।
- शैलेंद्र वर्मा, एसडीएम लालगंज
महिलाओं को सामुदायिक शौचालय का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। अधिकांश अधिवक्ता और वादकारी शौचालय जाने से कतराती हैं। उनका कहना है कि यहां पर हर समय पुरुषों का कब्जा रहता है। इस वजह से जाने में हिचक होती है।
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वहीं, शासन का स्पष्ट आदेश है कि तहसील परिसर में महिलाओं के लिए अलग से सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। शौचालय में नियमित जलापूर्ति, साबुन, उचित रोशनी और सेनेटरी पैड डिस्पेंसर की उपलब्धता होनी चाहिए।
नियमित साफ-सफाई के साथ महिला सफाई कर्मियों की देखरेख में शौचालय का संचालन किए जाने का आदेश है। दिव्यांग महिलाओं की सुलभता के लिए रैंप और विशेष सीट की व्यवस्था भी अनिवार्यता है। बावजूद इसके लालगंज तहसील परिसर में पिंक शौचालय नहीं है।
इनसेट-
सैकड़ों महिलाएं पहुंचती हैं तहसील
लालगंज तहसील में करीब 15 महिला अधिवक्ता प्रैक्टिस करती हैं। वहीं, दूर दराज से सैकड़ों महिलाएं तहसील आती हैं। शौचालय की सुविधा न होन से महिलाओं को परेशानी होती है। उनका कहना है कि तहसील तो छोड़िए आसपास भी कहीं कोई पिंक शौचालय नहीं है। इस वजह से सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
वर्जन
0 तहसील में शौचालय न होने से दिक्कत होती है। सार्वजनिक शौचालय में पुरुषों की भीड़ रहती है। - सुनीता देवी, रामपुर भेड़ियानी
0 शौचालय न होने से महिलाओं को परेशानी होती है। सामुदायिक शौचालय में पुरुषों की वजह से जाने में हिचक होती है। - लालती देवी, लालगंज
वर्जन-
शौचालय की साफ-सफाई का निर्देश दिया जाएगा। फिलहाल सार्वजनिक शौचालय में महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था से की गई है।
- शैलेंद्र वर्मा, एसडीएम लालगंज