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Saharanpur News: कॉल डिटेल से खुलेंगे बड़े राज, बागपत तक पहुंची पुलिस की जांच
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राखी हत्याकांड :
- कॉल रिकॉर्ड में मिले कई संदिग्ध नंबर, पूछताछ के लिए जल्द बुला सकती है पुलिस
- 27 अप्रैल को मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव नौगांवा में रजबहे में मिला था राखी का शव
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। चर्चित राखी कश्यप हत्याकांड की जांच अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के जरिए नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस को जांच के दौरान कई ऐसे संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले हैं, जिनके आधार पर बागपत में संपर्क किया गया है। कॉल डिटेल में सामने आए कुछ लोगों से पूछताछ की जा सकती है। माना जा रहा है कि इनसे पूछताछ के बाद मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि राखी कश्यप की बातचीत कुछ प्रभावशाली और सफेदपोश लोगों से भी हुई थी। पुलिस इन संपर्कों की प्रकृति और बातचीत के कारणों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि हत्या से पहले और घटना वाले दिन किन-किन लोगों से राखी का संपर्क था और उनकी भूमिका क्या रही। कुछ नंबरों की लोकेशन, कॉल अवधि और संपर्क के पैटर्न को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का मानना है कि मामले की कई कड़ियां अभी भी जुड़ना बाकी हैं और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से नए नाम सामने आ सकते हैं। जांच पूरी होने तक किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-- यह था मामला
गौरतलब है कि 27 अप्रैल को मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव नौगांवा स्थित रजबहे में राखी कश्यप का शव बरामद हुआ था। इसके बाद मिर्जापुर पुलिस ने राखी हत्याकांड का खुलासा करते हुए बागपत निवासी भाजपा नेता सुधारस चौहान और कपिल चौहान को गिरफ्तार किया था। दोनों ने राखी की हत्या करना स्वीकार किया था। पूछताछ में बताया था कि नौगांवा के पास एक फार्म हाउस पर पहले पार्टी की। उसमें तीनों ने शराब पी और राखी पर हथौड़े और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को छिपाने के लिए बिस्तर एवं कपड़ों में लपेटकर रस्सी से बांधा और रजबहे में फेंक दिया था। डूडाकर्मी विक्रांत की हत्या तीनों ने मिलकर की थी।
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-- वर्जन
राखी हत्याकांड की जांच चल रही है। कॉल डिटेल में जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मयंक पाठक, एसपी देहात
- कॉल रिकॉर्ड में मिले कई संदिग्ध नंबर, पूछताछ के लिए जल्द बुला सकती है पुलिस
- 27 अप्रैल को मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव नौगांवा में रजबहे में मिला था राखी का शव
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। चर्चित राखी कश्यप हत्याकांड की जांच अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के जरिए नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस को जांच के दौरान कई ऐसे संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले हैं, जिनके आधार पर बागपत में संपर्क किया गया है। कॉल डिटेल में सामने आए कुछ लोगों से पूछताछ की जा सकती है। माना जा रहा है कि इनसे पूछताछ के बाद मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि राखी कश्यप की बातचीत कुछ प्रभावशाली और सफेदपोश लोगों से भी हुई थी। पुलिस इन संपर्कों की प्रकृति और बातचीत के कारणों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि हत्या से पहले और घटना वाले दिन किन-किन लोगों से राखी का संपर्क था और उनकी भूमिका क्या रही। कुछ नंबरों की लोकेशन, कॉल अवधि और संपर्क के पैटर्न को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का मानना है कि मामले की कई कड़ियां अभी भी जुड़ना बाकी हैं और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से नए नाम सामने आ सकते हैं। जांच पूरी होने तक किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि 27 अप्रैल को मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव नौगांवा स्थित रजबहे में राखी कश्यप का शव बरामद हुआ था। इसके बाद मिर्जापुर पुलिस ने राखी हत्याकांड का खुलासा करते हुए बागपत निवासी भाजपा नेता सुधारस चौहान और कपिल चौहान को गिरफ्तार किया था। दोनों ने राखी की हत्या करना स्वीकार किया था। पूछताछ में बताया था कि नौगांवा के पास एक फार्म हाउस पर पहले पार्टी की। उसमें तीनों ने शराब पी और राखी पर हथौड़े और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को छिपाने के लिए बिस्तर एवं कपड़ों में लपेटकर रस्सी से बांधा और रजबहे में फेंक दिया था। डूडाकर्मी विक्रांत की हत्या तीनों ने मिलकर की थी।
राखी हत्याकांड की जांच चल रही है। कॉल डिटेल में जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मयंक पाठक, एसपी देहात