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Siddharthnagar News: कुत्ते ने 22 को काटा, लोगों ने पीटकर मार डाला
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:40 PM IST
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इटवा। इटवा कस्बे और आसपास के गांवों में सोमवार को आक्रामक कुत्ते ने पूरे दिन आतंक मचाए रखा। सुबह से देर रात तक वह गांव-गांव घूमकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 22 लोगों को काटता रहा। कुत्ते के हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। रात करीब दस बजे जब लोगों ने उसे मार दिया, तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
हमले का शिकार हुए लोगों ने बताया कि, कुत्ता अचानक लोगों पर टूट पड़ता था और बचाव का मौका तक नहीं देता था। कई लोगों ने उसे भगाने का प्रयास किया, लेकिन वह और अधिक आक्रामक हो जाता था। घायलों का कहना है कि यदि कुत्ते को समय रहते नहीं मारा जाता तो वह और लोगों को अपना शिकार बना सकता था। इटवा थाने के पिपरा छगत निवासी जलालुद्दीन बताते हैं कि, सोमवार की दोपहर में कहीं से आया कुत्ता एक गली से निकला और घर के सामने बैठी बकरी को नोचने लगा। बकरी की आवाज सुनकर लोग घर में से निकलकर बीच-बचाव करते तब तक कुत्ता वहां से भाग निकला। कुछ दूर जाते ही कुत्ते ने रास्ते में खेल रहे इसी गांव के आर्या विश्वकर्मा (5) को काट लिया।
पिपरा छगत निवासी कमरूद्दीन कहते हैं कि, सोमवार सुबह मधवापुर निवासी मोनू (6), शाकिर अहमद (13), नसीमुद्दीन (54), नसीरूद्दीन (21), शाकिर अहमद (13) को काटक कुत्ता बगल के गांव पिपरा मुर्गिहवा पहुंच गया। यहां ममता (7), सिगरा प्रवीन (7) को एक-एक काट लिया।
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दोनों गांवों में पागल कुत्ते की लोगों को नोचने की खबर आग की तरह फैल गई। लोग बच्चों और बुजुर्गों को कमरे में रहने की सलाह देते हुए लाठी-डंडे लेकर पागल कुत्ते की खोज में निकल पड़े लेकिन जिस हिसाब से वह भाग रहा था इन लोगों से भी तेज निकला और वह अमौना पहुंच गया।
लोगों ने बताया कि यहां उसने राधा (6), मिट्ठी (5), शेषा (6) को काट लिया। इसके बाद, इसी कुत्ते ने बेनीपुर उर्फ पुरैना निवासी भीखी (60), खड़सरी निवासी अदनान (5) को काटने के बाद पिपरा छगत पहुंच गया। इसके बाद पहाडापुर निवासी अनादिया (7), नगर पंचायत इटवा के गोविंद नगर निवासी अनमोल सिंह (31), कमदालालपुर निवासी राधा (55), रास्ते में जा रहे जिगिना धाम निवासी पतिराज यादव (45) को नोच लिया।
इस तरह सोमवार देर रात लगभग 10 बजे इटवा-डुमरियागंज मार्ग स्थित कमदालालपुर में लोग जब तक कुत्ते को मारने में सफल होते तब तक वह लगभग 22 से अधिक लोगों को काट चुका था। जिस हिसाब से वह लोगों पर टूट रहा था, इसे देखकर कोई भी सहम जाता और बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। पहाड़ापुर निवासी भाजपा नेता प्रमोद कनौजिया कहते हैं कि, गनीमत रही कि सभी लोग समय से आवश्यक उपचार के लिए सीएचसी पहुंच गए।
नियंत्रण की नहीं है कोई व्यवस्था : महानगरों में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नगर निगम अभियान चलाकर उन्हें पकड़ता है। समय-समय पर नसबंदी भी की जाती है, ताकि इनकी तादाद बढ़ने न पाए। जिले में इस तरह का कोई नियम नहीं है। आवारा कुत्तों को पकड़ने और उन्हें नियंत्रित करने की नगर पालिका और नगर पंचायत में कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी का नतीजा है कि, कुत्तों की संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। आए दिन ये किसी न किसी बच्चे और बुजुर्ग को को शिकार बना रहे हैं।
हमले का शिकार हुए लोगों ने बताया कि, कुत्ता अचानक लोगों पर टूट पड़ता था और बचाव का मौका तक नहीं देता था। कई लोगों ने उसे भगाने का प्रयास किया, लेकिन वह और अधिक आक्रामक हो जाता था। घायलों का कहना है कि यदि कुत्ते को समय रहते नहीं मारा जाता तो वह और लोगों को अपना शिकार बना सकता था। इटवा थाने के पिपरा छगत निवासी जलालुद्दीन बताते हैं कि, सोमवार की दोपहर में कहीं से आया कुत्ता एक गली से निकला और घर के सामने बैठी बकरी को नोचने लगा। बकरी की आवाज सुनकर लोग घर में से निकलकर बीच-बचाव करते तब तक कुत्ता वहां से भाग निकला। कुछ दूर जाते ही कुत्ते ने रास्ते में खेल रहे इसी गांव के आर्या विश्वकर्मा (5) को काट लिया।
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पिपरा छगत निवासी कमरूद्दीन कहते हैं कि, सोमवार सुबह मधवापुर निवासी मोनू (6), शाकिर अहमद (13), नसीमुद्दीन (54), नसीरूद्दीन (21), शाकिर अहमद (13) को काटक कुत्ता बगल के गांव पिपरा मुर्गिहवा पहुंच गया। यहां ममता (7), सिगरा प्रवीन (7) को एक-एक काट लिया।
दोनों गांवों में पागल कुत्ते की लोगों को नोचने की खबर आग की तरह फैल गई। लोग बच्चों और बुजुर्गों को कमरे में रहने की सलाह देते हुए लाठी-डंडे लेकर पागल कुत्ते की खोज में निकल पड़े लेकिन जिस हिसाब से वह भाग रहा था इन लोगों से भी तेज निकला और वह अमौना पहुंच गया।
लोगों ने बताया कि यहां उसने राधा (6), मिट्ठी (5), शेषा (6) को काट लिया। इसके बाद, इसी कुत्ते ने बेनीपुर उर्फ पुरैना निवासी भीखी (60), खड़सरी निवासी अदनान (5) को काटने के बाद पिपरा छगत पहुंच गया। इसके बाद पहाडापुर निवासी अनादिया (7), नगर पंचायत इटवा के गोविंद नगर निवासी अनमोल सिंह (31), कमदालालपुर निवासी राधा (55), रास्ते में जा रहे जिगिना धाम निवासी पतिराज यादव (45) को नोच लिया।
इस तरह सोमवार देर रात लगभग 10 बजे इटवा-डुमरियागंज मार्ग स्थित कमदालालपुर में लोग जब तक कुत्ते को मारने में सफल होते तब तक वह लगभग 22 से अधिक लोगों को काट चुका था। जिस हिसाब से वह लोगों पर टूट रहा था, इसे देखकर कोई भी सहम जाता और बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। पहाड़ापुर निवासी भाजपा नेता प्रमोद कनौजिया कहते हैं कि, गनीमत रही कि सभी लोग समय से आवश्यक उपचार के लिए सीएचसी पहुंच गए।
नियंत्रण की नहीं है कोई व्यवस्था : महानगरों में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नगर निगम अभियान चलाकर उन्हें पकड़ता है। समय-समय पर नसबंदी भी की जाती है, ताकि इनकी तादाद बढ़ने न पाए। जिले में इस तरह का कोई नियम नहीं है। आवारा कुत्तों को पकड़ने और उन्हें नियंत्रित करने की नगर पालिका और नगर पंचायत में कोई व्यवस्था नहीं है।
इसी का नतीजा है कि, कुत्तों की संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। आए दिन ये किसी न किसी बच्चे और बुजुर्ग को को शिकार बना रहे हैं।