बीएचयू हत्याकांड : पुलिस ने किया खुलासा, गौरव के साथ छात्रनेता को भी रास्ते से हटाने की थी योजना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू से निष्कासित एमसीए के छात्र गौरव सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। साथ ही पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। जबकि एक आरोपी अस्पताल में भर्ती है और तीन आरोपी फरार है।
3 अप्रैल को विश्वविद्यालय परिसर में बीएचयू से निष्कासित एमसीए के छात्र गौरव सिंह की हत्या कर दी गई थी। गौरव के पिता राकेश प्रसाद सिंह की तहरीर पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह, कुमार मंगलम, आशुतोष, विनय और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या सहित अन्य आरोपों में लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि फैजाबाद के गोसाईगंज थाना के आकारीपुर पुरौना निवासी कुमार मंगलम और बांदा के अंतरा स्थित टीचर्स कॉलोनी के आशुतोष त्रिपाठी को इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने गिरफ्तार किया। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
आरोपियों ने बताई हत्या की वजह
पूछताछ में कुमार मंगलम ने बताया कि पहले वह और गौरव सभी एक-दूसरे के दोस्त थे। वाराणसी का स्थानीय होने के कारण गौरव के पास लड़के पर्याप्त संख्या में थे और बीएचयू परिसर से लेकर बाहर तक उसकी धाक थी। वह बिड़ला 'सी' में रहता था, इस वजह से इस हॉस्टल के छात्रों का पक्ष लेता था।
वहीं, गौरव अपने छोटे भाई सौरभ के कारण बिड़ला 'ए' और लालबहादुर हॉस्टल के छात्रों के पक्ष में रहता था। इसी कारण से दोनों के बीच दूरी शुरू हुई। कुमार मंगलम ने बताया कि सरस्वती पूजा के दौरान गौरव ने उसका विरोध किया था।
इसके बाद स्पंदन के दौरान गौरव और उसके भाई सौरभ ने मारपीट कर हम लोगों को अपमानित किया। उसके दोस्त पवन मिश्रा के खिलाफ अभिजीत मिश्रा से मुकदमा दर्ज करवा कर उसे जेल पहुंचा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में फिर मारपीट हुई और गौरव का पक्ष भारी पड़ा।
परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों से संबंधित ठेकेदारों से पैसा लिया जाता था तो उसमें भी गौरव अड़ंगा डालता था। इस वजह से उसे रास्ते से हटाने की ठानी गई। इस मामले में एक आरोपी रूपेश तिवारी घायल है, जबकि विनय द्विवेदी और बक्सर निवासी प्रोफेसर व रावण की तलाश में पुलिस की तीन टीमें बिहार रवाना की गई हैं।
लूटी गई बाइक से आए थे प्रोफेसर और रावण
कुमार मंगलम ने बताया कि प्रोफेसर और रावण से छह महीने पहले पवन के जरिये मुलाकात हुई थी। दोनों चितईपुर स्थित पवन के फ्लैट और बिड़ला सी में अवैध तरीके से रहते थे। पवन के लिए प्रोफेसर और रावण प्रयागराज के हंडिया से बक्सर तक शराब की अवैध खेप लेकर जाते हैं।
दोनों बीते एक हफ्ते से बिड़ला सी में ही ठहरे थे और उनके पास चार पिस्टल थीं। दोनों ने रमना में बाईपास से एक बाइक लूटी और वारदात में उसका इस्तेमाल किया। कुमार मंगलम ने बताया कि गौरव की हत्या से पहले बिड़ला सी में एक छात्र की बर्थडे पार्टी थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोग शामिल थे। पार्टी में हवाई फायरिंग भी की गई थी।
'ऊपर वाले ने बचाई यीशू की जान'
कुमार मंगलम और आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि गौरव पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। उसके साथ छात्रनेता आशुतोष सिंह यीशू भी था। हालांकि गोली चलते ही वह नाले में कूद गया और उसकी जान ऊपर वाले ने बचा ली। कुमार मंगलम के अनुसार, गौरव और उसके साथ के लड़कों की वजह से यीशू ने छात्रों के बीच दबदबा बना रखा है और नेतागीरी करता है।
आशुतोष के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हुए
गौरव की हत्या के विरोध में बीएचयू से निष्कासित छात्र आशुतोष सिंह ने बुधवार को बीएचयू गेट बंद कर आवागमन रोक दिया था। इसके पहले मंगलवार रात बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में तोड़फोड़ की गई थी। दोनों प्रकरणों में दो अलग-अलग मुकदमे लंका थाने में आशुतोष सिंह सहित अन्य के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। एसपी सिटी ने बताया कि आशुतोष बीएचयू से निष्कासित है। उसे ताकीद की गई है कि यदि वह दोबारा बीएचयू परिसर में दिखाई देगा तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।