गंगा दशहरा : 501 लीटर दूध से अभिषेक लगा 56 भोग, चढ़ाई गईं 6100 साड़ियां; लगे जयकारे
गंगा दशहरा पर घाट हर-हर गंगे के जयकारों से गूंज उठे। 10 से अधिक गंगा मंदिरों में मां जाह्नवी का विशेष पूजन, श्रृंगार और 56 भोग लगाया गया। 501 लीटर दूध से अभिषेक किया गया और 6100 साड़ियां अर्पित की गईं। घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्ति का माहौल बना रहा।
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ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा दशहरा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से लेकर 84 घाटों तक मां गंगा के पूजन-अर्चन, आरती और स्नान-दान का क्रम दिनभर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के अवतरण दिवस पर स्नान कर सुख-समृद्धि और पापों के नाश की कामना की।
अस्सी घाट पर 56 परिवारों ने मां गंगा को 56 तरह के व्यंजनों का भोग लगाया, जबकि देश के विभिन्न राज्यों और अमेरिका से लाई गईं 6100 साड़ियां अर्पित की गईं। दशाश्वमेध घाट पर 501 लीटर दूध से मां गंगा का दुग्धाभिषेक हुआ। प्रख्यात भजन गायक सुशील बावेजा ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गंगा भगीरथ विश्वगुरु काशी सम्मान देने की घोषणा भी की गई।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से मंदिर परिसर और गंगा तट पर विशेष वैदिक अनुष्ठान हुए। मंदिर के घाट पर मां गंगा का विधिवत अभिषेक और आरती की गई। मंदिर परिसर में स्थापित मां गंगा के विग्रह का भव्य शृंगार किया गया।
पंचगंगा घाट पर पूजन : काशी महानगर की ओर से पंचगंगा घाट पर अविरल, निर्मल और नैसर्गिक गंगा के लिए विशेष पूजन किया गया। गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती के नेतृत्व में अनुष्ठान संपन्न हुआ। मुख्य यजमान श्रीकाशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. गोविंद शर्मा सपत्नीक शामिल हुए। इससे पहले काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव की आरती और शृंगार महंत पं. वैभव दूबे ने किया।
गंगा लहरी का किया पाठ
काशी गंगोत्सव मंडल के 115वें उत्सव और गंगा दशहरा पर पंचगंगा घाट पर विराजमान मां पंचगंगा का शृगार कर आरती हुई। पं. हेमंत जोशी पूजन करवाया। पं. उत्कर्ष रटाटे ने गंगा लहरी का पाठ किया। संगीत संध्या में पं. गणेश पाठक, बिंदु माधव, पं. सुशील आदि ने भजन पेश किया। पूजन में पार्षद संतोष सोलापुरकर, माधव जनार्दन रटाटे, मकरंद म्हैस्कर, रामकृष्ण बापट, नारायण भागवत, सुमित पालंदे, प्रमोद पुराणिक, गौरव रटाटे, दर्शिल सोलापुरकर आदि रहे।
11 हजार दीपों से सजे घाट
गंगा सेवा निधि की ओर से गंगा दशहरा महोत्सव दशाश्वमेध घाट पर हुआ। 11 अर्चकों ने भगवती मां गंगा का वैदिक रीति से पूजन किया। 25 क्विंटल फूल-मालाओं और 11 हजार दीपों से घाट को भव्य सजाया गया। अर्चकों और 22 रिद्धि-सिद्धि देव कन्याओं ने भगवती मां गंगा की महाआरती की। गंगा आरती के संस्थापक स्मृतिशेष पं. सत्येन्द्र मिश्र के चित्र पर अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
गंगा पूजन में डॉ. दया शंकर मिश्र ‘दयालु‘, ब्रिगेडियर जयदीप चंदा, मेयर अशोक कुमार तिवारी, वीडीए सदस्य अम्बरीश सिंह भोला, ग्रुप कैप्टन सचित सूद, कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर, एस. रामकृष्ण, प्रेम पासवान, आदि शामिल रहे। स्वागत संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्र, श्याम लाल सिंह, संचालन अंजना झा एवं धन्यवाद ज्ञापन सुरजीत कुमार सिंह ने किया। कथक कलाकार पं. माता प्रसाद मिश्र और उनके पुत्र रुद्रशंकर मिश्र ने गंगा अवतरण की नृत्यमय प्रस्तुति दी।
गंगा की प्रतिमा का हुआ शृंगार
शीतला मंदिर के समीप गंगोत्री सेवा समिति की ओर से मां गंगा का 501 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। संस्था के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे के आचार्यत्व में मां गंगा की अष्टधातु प्रतिमा का शृंगार और पूजन हुआ। 11 अर्चकों ने आरती की जबकि 22 युवतियां रिद्धि-सिद्धि स्वरूप में चंवर डुलाती रहीं।
कार्यक्रम में अयोध्या के श्रीराम जानकी हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर महंत बाबा अवधबिहारी दास महाराज भी शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र, मेयर अशोक कुमार तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, अंबरीष सिंह भोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में नाविक समाज ने मां गंगा का नारियल, चुनरी, माला चढ़ाकर पूजा की।
14 विभूतियों को किया गया सम्मानित
ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास एवं गंगा आरती सेवा समिति की ओर से आयोजित गंगा प्राकट्य उत्सव में मां गंगा का दुग्धाभिषेक और पूजन किया गया। सात अर्चकों ने आरती की, जबकि 14 कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि स्वरूप चंवर डुलाया। 15 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थियों ने रंगोली, चित्रकला, शास्त्रीय नृत्य और अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लिया। डॉ. सचिंद्र नाथ महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहली बार गंगा भगीरथ विश्वगुरु काशी सम्मान देने की घोषणा की। इसके अलावा गंगा पुत्र, गंगा पुत्री सहित कुल 14 विभूतियों को सम्मानित किया गया।
51 बटुकों ने किया दुग्धाभिषेक : विप्र समाज की ओर से अहिल्याबाई घाट स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय के 51 बटुकों ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया। विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, अध्यक्ष डॉ. पवन शुक्ला और आचार्य पं. उदित नारायण मिश्रा ने बटुकों संग षोडशोपचार पूजन किया। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा को स्वच्छ और अविरल बनाने की दिशा में व्यापक कार्य हुए हैं। उधर, नवसृजन फाउंडेशन की ओर से श्रद्धालुओं में शरबत वितरित किया गया।
धाम के अर्चकों ने उतारी मां गंगा की आरती
वाराणसी। गंगा दशहरा पर मंगलवार की भोर में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चकों ने मां गंगा की आरती उतारी। ललिता घाट पर मां गंगा की प्रतिमा के सामने मंत्रोच्चार करते हुए मां गंगा का दूध जल से अभिषेक किया गया। धाम स्थित मंदिर परिसर में विराजमान मां गंगा के विग्रह पर विधिवत पूजन अर्चना चली। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी पर मंगलवार को मंदिर न्यास की ओर से कई धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम कराए गए।
धाम में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान कराए गए। सभी ने श्रद्धा और भक्ति भाव से मां गंगा और बाबा श्री काशी विश्वनाथ का पूजन-अर्चन किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा वह पावन तिथि है, जब मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस दिन गंगा स्नान, पूजन और आराधना करने से समस्त पापों का क्षय होता है। मोक्ष की प्राप्ति का पुण्य फल प्राप्त होता है।