ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल को भी शहर से लेकर गांव तक हनुमान मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही। सुबह से लेकर रात तक दर्शन के लिए मंदिरों में शृंगार कर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ हुआ। 900 से ज्यादा मंदिरों और प्रतिष्ठानों में भंडारा हुआ। गर्मी से बचाव के लिए लोगों में बेल और फालसा का शरबत का वितरण हुआ। संकटमोचन मंदिर में काफी भीड़ रही।
मंगलवार को सुबह से हनुमान जी का शृंगार कर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ और भजन कीर्तन हुआ। संकटमोचन मंदिर में भोर में चार बजे के बाद से ही दर्शन-पूजन शुरू हो गया। शयन आरती तक भीड़ रही। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्त हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ कर रहे थे। वहीं, भजनों की टोलियां भजन-कीर्तन कर हनुमत प्रभु का गुणगान कर रही थीं। हनुमान सेना आह्वान पर संस्थाएं, व्यापारियों और समाजसेवियों ने जगह-जगह मंदिरों में शृंगार और भंडारा हुआ। संस्था के अध्यक्ष सुधीर सिंह ने बताया कि शहर के 900 से अधिक मंदिरों और प्रतिष्ठानों के बाहर भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में 50 हजार अधिक हनुमान भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। हनुमान जी को मालपुआ, इमारती, घुघनी-हलवा, पूडी-सब्जी और शरबत आदि का भोग लगाकर वितरण हुआ। सेवा में विजय कपूर, मुकेश जायसवाल, बचाऊ जायसवाल, मार्कंडेय तिवारी, शंकर सेठ, विजय पाठक, विनोद कुंवर, संजय जोशी, मनीष गुप्ता,पप्पू यादव आदि रहे।