{"_id":"59a019374f1c1b180a8b479e","slug":"naac-changed-his-accredation-policy-for-grading","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैक के नियमों में बड़ा बदलाव, अब निजी एजेंसी के जिम्मे 70 फीसदी मूल्यांकन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैक के नियमों में बड़ा बदलाव, अब निजी एजेंसी के जिम्मे 70 फीसदी मूल्यांकन
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 25 Aug 2017 06:05 PM IST
विज्ञापन
नैक
- फोटो : logo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उच्च शैक्षिक संस्थानों की गुणवत्ता परखने वाली नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडेशन कांउसिल ने मुल्यांकन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब नैक सिर्फ विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में उपलब्ध संसाधन,भवन और शैक्षिक गुणवत्ता ही नहीं बल्कि वहां अध्यन कर रहे विद्यर्थियओँ के फीडबैक पर पर भी अंक देगी।
विद्यार्थियों से विद्यार्थियों से फोन व मेल के जरिये फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों का 70 फीसदी मूल्यांकन का काम नैक ने निजी एजेंसी को दिया है। 30 फीसदी मूल्यांकन नैक की पियर टीम करेगी।
विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों से सभी विद्यार्थिययों के नाम के साथ उनका यूनिवर्सिटी इनरोलमेंट नंबर, आईडी नंबर, मोबाइल और ई-मेल मांगा गया है। अब तक विश्वविद्यालयों की ओर से जो रिपोर्ट भेज दी जाती थी उसके आधार और पीयर टीम के निरीक्षण के आधार पर ग्रेडिंग दी जाती थी।
विज्ञापन
विद्यार्थियों से फीडबैक लेने का उद्देश्य भी यही है कि संस्थान के बारे से सही जानकारी मिल सके और उसके आधार पर मूल्यांकन किया जा सके। इसी सिलसिले से गुरुवार को काशी विद्यापीठ में आईक्यूएसी की बैठक कुलपति की अध्यक्षता में हुई।
मूल्यांकन के नए नियमों के मद्देनजर सभी संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों को बताया गया। आईक्यूएसी के कोआर्डिनेटर प्रो. केएस जायसवाल ने बताया कि मूल्यांकन के लिए 30 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करा लेना है। सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को 30 सितंबर तक एसएसआर (सेल्फ स्टडी रिपोर्ट) भेज देनी है। इसमें अलग अलग विभागों व संकायों की ओर से ऑनलाइन सभी सूचनाएं अपलोड करनी है।
बता दें कि एक जुलाई से नैक ने मूल्यांकन के नियमों में बदलाव किया है। नैक अब 70 फीसदी मूल्यांकन निजी संस्था से कराएगी। विश्वविद्यालय की ओर से एजेंसी को उपलब्ध कराई गई सूचनाओं के आधार पर निजी संस्थान मूल्यांकन करेगी। इसमें 30 प्रतिशत अंक पाना जरूरी है। इसके बाद ही नैक की पीयर टीम विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में मूल्यांकन के लिए आएगी।
विद्यार्थियों से विद्यार्थियों से फोन व मेल के जरिये फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों का 70 फीसदी मूल्यांकन का काम नैक ने निजी एजेंसी को दिया है। 30 फीसदी मूल्यांकन नैक की पियर टीम करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों से सभी विद्यार्थिययों के नाम के साथ उनका यूनिवर्सिटी इनरोलमेंट नंबर, आईडी नंबर, मोबाइल और ई-मेल मांगा गया है। अब तक विश्वविद्यालयों की ओर से जो रिपोर्ट भेज दी जाती थी उसके आधार और पीयर टीम के निरीक्षण के आधार पर ग्रेडिंग दी जाती थी।
विद्यार्थियों से फीडबैक लेने का उद्देश्य भी यही है कि संस्थान के बारे से सही जानकारी मिल सके और उसके आधार पर मूल्यांकन किया जा सके। इसी सिलसिले से गुरुवार को काशी विद्यापीठ में आईक्यूएसी की बैठक कुलपति की अध्यक्षता में हुई।
मूल्यांकन के नए नियमों के मद्देनजर सभी संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों को बताया गया। आईक्यूएसी के कोआर्डिनेटर प्रो. केएस जायसवाल ने बताया कि मूल्यांकन के लिए 30 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करा लेना है। सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को 30 सितंबर तक एसएसआर (सेल्फ स्टडी रिपोर्ट) भेज देनी है। इसमें अलग अलग विभागों व संकायों की ओर से ऑनलाइन सभी सूचनाएं अपलोड करनी है।
बता दें कि एक जुलाई से नैक ने मूल्यांकन के नियमों में बदलाव किया है। नैक अब 70 फीसदी मूल्यांकन निजी संस्था से कराएगी। विश्वविद्यालय की ओर से एजेंसी को उपलब्ध कराई गई सूचनाओं के आधार पर निजी संस्थान मूल्यांकन करेगी। इसमें 30 प्रतिशत अंक पाना जरूरी है। इसके बाद ही नैक की पीयर टीम विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में मूल्यांकन के लिए आएगी।