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अब प्रदूषण बोर्ड के पास है खनन की चाबी
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Wed, 15 Mar 2017 09:28 PM IST
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भाबर की मालन नदी में खनन-चुगान खोलने को लेकर वन विकास निगम, वन निगम, लैंसडौन वन प्रभाग, खनन विभाग और प्रशासन की ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब खनन-चुगान खोलने की चाबी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास है। उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ ही दिनों में बोर्ड मालन नदी का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट दे देगा और जल्द ही खनन खुल जाएगा।
क्षेत्र की नदियों में सालों से खनन और चुगान बंद है। इससे स्थानीय बेरोजगार युवाओं और भवन बनाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग भवन बनाने के लिए बाहर से महंगे दामों पर रेत, बजरी और पत्थर खरीदने को मजबूर हैं। पूर्व में मालन नदी में खनन और चुगान खोलने को लेकर कार्रवाई अंतिम चरण में पहुंच गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में फैसला सुनाते हुए नदियों पर बने पुल के एक किमी के दायरे में खनन और चुगान पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद वर्ष 2016 के दिसंबर माह में पुन: मालन नदी का सीमांकन किया गया।
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पूर्व में किए गए सीमांकन से वन विकास निगम को करीब 35 हेक्टेयर नदी खनन और चुगान के लिए मिल रही थी, लेकिन पुन: सीमांकन के बाद निगम के पास सिर्फ 12 हेक्टेयर नदी ही बची है।
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वन विकास निगम के प्रभागीय विक्रय प्रबंधक राजेंद्र सिंह चौधरी का कहना है कि खनन खोलने को लेकर विभागीय स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब सिर्फ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से संस्तुति मिलनी बाकी है। इसके लिए पत्राचार आदि की कार्रवाई की जा रही है। कहा कि मालन नदी में जल्द ही खनन खुलने की उम्मीद है।