{"_id":"6a1dd723e8f7ad6523056b2b","slug":"scientists-will-make-farmers-aware-about-improving-soil-health-nainital-news-c-238-1-ntl1018-126593-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को जागरूक करेंगे वैज्ञानिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को जागरूक करेंगे वैज्ञानिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नैनीताल। देश में रासायनिक उर्वरकों के अधिक इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता पर असर के साथ उत्पादकता कम हो रही है। इस पर देश में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ज्योलीकोट की ओर से गंगापुर गांव में किसानों को जागरूक किया जाएगा।
केवीके की उद्यान वैज्ञानिक डॉ. दीपाली तिवारी ने बताया कि यह अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि भारत में रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित उपयोग कृषि उत्पादकता में गिरावट का एक प्रमुख कारण बन रहा है। हरित क्रांति के बाद उत्पादन बढ़ाने के लिए यूरिया आधारित नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग हुआ। वहीं, फास्फोरस, पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग अपेक्षाकृत कम रहा। इससे मिट्टी की उर्वरता में कमी के साथ फसलों की उत्पादकता में भी कमी देखी जा रही है। खेत बचाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
Trending Videos
केवीके की उद्यान वैज्ञानिक डॉ. दीपाली तिवारी ने बताया कि यह अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि भारत में रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित उपयोग कृषि उत्पादकता में गिरावट का एक प्रमुख कारण बन रहा है। हरित क्रांति के बाद उत्पादन बढ़ाने के लिए यूरिया आधारित नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग हुआ। वहीं, फास्फोरस, पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग अपेक्षाकृत कम रहा। इससे मिट्टी की उर्वरता में कमी के साथ फसलों की उत्पादकता में भी कमी देखी जा रही है। खेत बचाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन
विज्ञापन