{"_id":"6a230beba7678e468c053b85","slug":"garden-in-charge-sentenced-to-seven-years-in-jail-for-murdering-gardener-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-142694-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: माली की हत्या के दोषी उद्यान इंचार्ज को सात साल की जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: माली की हत्या के दोषी उद्यान इंचार्ज को सात साल की जेल
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 05 Jun 2026 11:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पिथौरागढ़। आठ साल पहले डीडीहाट के सानदेव उद्यान में माली की हत्या करने वाले इंचार्ज को सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने सात साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के मुताबिक वर्ष 2018 में उद्यान विभाग के सानदेव उद्यान में स्थानीय निवासी उमेश सिंह माली जबकि कोटसाली, देघाट, अल्मोड़ा निवासी चंद्र प्रकाश आर्या उद्यान अधिकारी के पद पर तैनात थे। 22 फरवरी 2018 को दोनों एक साथ लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बना रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। उद्यान अधिकारी चंद्र प्रकाश आर्या ने आवेश में आकर जलती लकड़ी से माली उमेश सिंह के सिर पर वार कर दिया। घटना में घायल माली अपने बिस्तर तक पहुंचा। दूसरे दिन जब वह बिस्तर से नहीं उठा तो खुद उद्यान अधिकारी ने परिजनों को उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी। जब परिजन माली के सरकारी आवास पर पहुंचे तो बिस्तर पर उनका खून से लतपथ शव पड़ा मिला। तब मृतक के पुत्र मनोज सिंह महरा ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शक होने पर उद्यान अधिकारी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। तब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था इस पर शुक्रवार को फैसला आया। सत्र न्यायाधीश ने सभी पक्षों, गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन कर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
Trending Videos
मामले के मुताबिक वर्ष 2018 में उद्यान विभाग के सानदेव उद्यान में स्थानीय निवासी उमेश सिंह माली जबकि कोटसाली, देघाट, अल्मोड़ा निवासी चंद्र प्रकाश आर्या उद्यान अधिकारी के पद पर तैनात थे। 22 फरवरी 2018 को दोनों एक साथ लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बना रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। उद्यान अधिकारी चंद्र प्रकाश आर्या ने आवेश में आकर जलती लकड़ी से माली उमेश सिंह के सिर पर वार कर दिया। घटना में घायल माली अपने बिस्तर तक पहुंचा। दूसरे दिन जब वह बिस्तर से नहीं उठा तो खुद उद्यान अधिकारी ने परिजनों को उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी। जब परिजन माली के सरकारी आवास पर पहुंचे तो बिस्तर पर उनका खून से लतपथ शव पड़ा मिला। तब मृतक के पुत्र मनोज सिंह महरा ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शक होने पर उद्यान अधिकारी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। तब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था इस पर शुक्रवार को फैसला आया। सत्र न्यायाधीश ने सभी पक्षों, गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन कर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन