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Rishikesh News: वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए जलकुंड तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 16 Apr 2026 02:58 AM IST
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गर्मी के मौसम में वन्यजीवों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े इसके लिए वन विभाग की ओर से जंगलों में स्थायी और अस्थायी जलकुंड तैयार किए गए हैं। इन जलकुंडों को टैंकरों और अन्य संसाधनों की मदद से भरा जा रहा है। जलकुंडों में पानी होने पर वन्यजीवों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के गोहरी रेंज, देहरादून वन प्रभाग अंतर्गत ऋषिकेश रेंज और नरेंद्रनगर वन प्रभाग मुनि की रेती अंतर्गत नरेंद्रनगर और शिवपुरी रेंज में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने दर्जनों जलकुंड तैयार किए हैं। कुछ जल कुंड प्राकृतिक हैं और कुछ जल कुंडों को वन विभाग की ओर से तैयार किया गया है।
गर्मी के मौसम में कई जगह प्राकृतिक स्रोत सूख जाते हैं, जिससे वन क्षेत्र में पानी की समस्या हो जाती है। पानी की तलाश में वन्यजीव आबादी क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा दृष्टिगत वन विभाग की ओर से जलकुंड बनाए जाते हैं।
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राजाजी टाइगर रिजर्व अंतर्गत गोहरी रेंज अधिकारी राजेश जोशी ने बताया कि रेंज में 13 बीट हैं। बीटों में करीब 20 जलकुंड हैं। इसके अलावा वन्यजीवों के लिए चीला नहर और गंगा नदी भी विकल्प में हैं। ऋषिकेश रेंज अधिकारी गंभीर सिंह धमांदा ने बताया कि ऋषिकेश रेंज में 14 वन वीट हैं। रेंज क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए 12 पक्के जलकुंड बनाए गए हैं। इसके अलावा 15 से 20 कच्चे जल कुंड बनाए गए हैं। पक्के जलकुंडों में चार जर्जर स्थिति में हैं, उन जलकुंडों को पॉलिथीन लगाकर भरा जा रहा है। कई जलकुंड प्राकृतिक है।
नरेंद्रनगर रेंज अधिकारी विवेक जोशी ने बताया कि शिवपुरी में 25 जलकुंड हैं। यहां 10 नए जलकुंड बनाए गए हैं। नरेंद्रनगर में 12 वन बीट हैं। यहां 23 जलकुंड बनाए गए हैं। विभाग की ओर से यहां करीब 8 नए जलकुंड बनाए गए हैं। गर्मी में वन्यजीवों के लिए अभी पर्याप्त पानी की व्यवस्था है। कर्मचारी लगातार इन जलकुंडों की निगरानी कर रहे हैं। जिन जल कुंडों में पानी की कमी होगी, उन्हें टैंकर और अन्य संसाधनों की मदद से भरा जा रहा है।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के गोहरी रेंज, देहरादून वन प्रभाग अंतर्गत ऋषिकेश रेंज और नरेंद्रनगर वन प्रभाग मुनि की रेती अंतर्गत नरेंद्रनगर और शिवपुरी रेंज में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने दर्जनों जलकुंड तैयार किए हैं। कुछ जल कुंड प्राकृतिक हैं और कुछ जल कुंडों को वन विभाग की ओर से तैयार किया गया है।
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गर्मी के मौसम में कई जगह प्राकृतिक स्रोत सूख जाते हैं, जिससे वन क्षेत्र में पानी की समस्या हो जाती है। पानी की तलाश में वन्यजीव आबादी क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा दृष्टिगत वन विभाग की ओर से जलकुंड बनाए जाते हैं।
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नरेंद्रनगर रेंज अधिकारी विवेक जोशी ने बताया कि शिवपुरी में 25 जलकुंड हैं। यहां 10 नए जलकुंड बनाए गए हैं। नरेंद्रनगर में 12 वन बीट हैं। यहां 23 जलकुंड बनाए गए हैं। विभाग की ओर से यहां करीब 8 नए जलकुंड बनाए गए हैं। गर्मी में वन्यजीवों के लिए अभी पर्याप्त पानी की व्यवस्था है। कर्मचारी लगातार इन जलकुंडों की निगरानी कर रहे हैं। जिन जल कुंडों में पानी की कमी होगी, उन्हें टैंकर और अन्य संसाधनों की मदद से भरा जा रहा है।