सूर्यग्रहण कल, 320 वर्ष बाद पंचग्रही योग
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रुड़की। वर्ष का पहला सूर्यग्रहण कल (बुधवार) पड़ रहा है। पंचग्रही योग में पड़ रहे इस ग्रहण का दुलर्भ संयोग 320 वर्ष बाद पड़ रहा है।आईआईटी रुड़की स्थित श्री सरस्वती मंदिर के पुजारी एवं ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि सूर्य ग्रहण नौ मार्च (बुधवार) को सूर्योदय के साथ प्रारंभ होकर सुबह 10.05 बजे समाप्त होगा। हालांकि उत्तराखंड में ग्रहण नौ मिनट (सूर्योदय 6.34 मिनट और सुबह 6.43 मिनट पर ग्रहण समाप्त) के लिए रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित शुक्ला ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है।
इसलिए ग्रहण का सूतक आठ मार्च की शाम 6.34 बजे से शुरू हो जाएगा। इस दौरान भोजन करना, व्यर्थ बोलना, सब्जी आदि काटना वर्जित होता है। बालक, वृद्ध और रोगियों के लिए इसे निषेध माना गया है। ग्रहण का व्यापक असर रहेगा। राजनीति में उथल-पुथल रहेगी। मेष, वृष, कन्या, धनु राशि के लिए यह ग्रहण शुभ रहेगा।
दान करना कल्याणकारी
पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि ग्रहण सूतक और ग्रहण काल के दौरान भगवान के नामों का जप एवं सूर्य का जप करना विशेष कल्याणकारी होता है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान आदि के बाद दान करना लाभकारी होता है। ग्रहण के दौरान देव दर्शन एवं पूजन को निषेध माना गया है।