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Udham Singh Nagar News: दरियानगर के 300 परिवारों के आशियाना बचने की जगी उम्मीद
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रुद्रपुर। वार्ड 37 के दरियानगर में पिछले 50 से 60 वर्षों से निवास कर रहे लगभग 300 परिवारों के लिए राहत की खबर आई है। विधायक शिव अरोरा के प्रयासों से इन परिवारों के आशियानों को बचाने की उम्मीद जगी है जो वर्षों से हाईकोर्ट के आदेशों के चलते बेघर होने के कगार पर थे।
पूरा मामला दरियानगर क्षेत्र में निवास कर रहे तीन सौ परिवारों से जुड़ा है जिनके निवास स्थान को मास्टर प्लान में नलकूप के रूप में दर्ज किया गया है। इसी कारण से जब इन परिवारों ने नजूल मालिकाना हक के लिए आवेदन किया तो उनके आवेदन खारिज कर दिए गए। इस समस्या को देखते हुए विधायक शिव अरोरा ने महिलाओं के साथ जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जयकिशन से मुलाकात की।
उन्होंने एक लिखित ज्ञापन सौंपकर दरियानगर की उस भूमि को मास्टर प्लान में संशोधन कर नलकूप के स्थान पर आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज करने की मांग रखी। विधायक ने कहा कि जब तक मास्टर प्लान में संशोधन नहीं हो जाता तब तक अतिक्रमण हटाने जैसी कोई भी कार्रवाई न की जाए। उपाध्यक्ष जयकिशन ने उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में संशोधन कर नलकूप के साथ-साथ आवासीय क्षेत्र भी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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विधायक शिव अरोरा ने इस सकारात्मक पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि प्राधिकरण उपाध्यक्ष के साथ हुई चर्चा अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मास्टर प्लान में संशोधन कर इसे आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज करने की बात कही है। एक बार जब भूमि को आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज कर दिया जाएगा तो इन परिवारों को नजूल मालिकाना हक भी मिल सकेगा जो वर्तमान में हाईकोर्ट में किसी कारणवश लंबित है।
इस दौरान नंदलाल शर्मा, नन्हें कुमार, विक्रम, सन्नी पासवान, कमला, शांति देवी, सीमा, पार्वती, रमा देवी, सरोज, अनीता देवी, प्रभा, रोशनी, महिमा, सुषमा आदि मौजूद रहे।
पूरा मामला दरियानगर क्षेत्र में निवास कर रहे तीन सौ परिवारों से जुड़ा है जिनके निवास स्थान को मास्टर प्लान में नलकूप के रूप में दर्ज किया गया है। इसी कारण से जब इन परिवारों ने नजूल मालिकाना हक के लिए आवेदन किया तो उनके आवेदन खारिज कर दिए गए। इस समस्या को देखते हुए विधायक शिव अरोरा ने महिलाओं के साथ जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जयकिशन से मुलाकात की।
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उन्होंने एक लिखित ज्ञापन सौंपकर दरियानगर की उस भूमि को मास्टर प्लान में संशोधन कर नलकूप के स्थान पर आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज करने की मांग रखी। विधायक ने कहा कि जब तक मास्टर प्लान में संशोधन नहीं हो जाता तब तक अतिक्रमण हटाने जैसी कोई भी कार्रवाई न की जाए। उपाध्यक्ष जयकिशन ने उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में संशोधन कर नलकूप के साथ-साथ आवासीय क्षेत्र भी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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विधायक शिव अरोरा ने इस सकारात्मक पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि प्राधिकरण उपाध्यक्ष के साथ हुई चर्चा अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मास्टर प्लान में संशोधन कर इसे आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज करने की बात कही है। एक बार जब भूमि को आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज कर दिया जाएगा तो इन परिवारों को नजूल मालिकाना हक भी मिल सकेगा जो वर्तमान में हाईकोर्ट में किसी कारणवश लंबित है।
इस दौरान नंदलाल शर्मा, नन्हें कुमार, विक्रम, सन्नी पासवान, कमला, शांति देवी, सीमा, पार्वती, रमा देवी, सरोज, अनीता देवी, प्रभा, रोशनी, महिमा, सुषमा आदि मौजूद रहे।