यदि कोई व्यक्ति निजी फोटो, वीडियो या चैट के आधार पर पैसे या अन्य लाभ मांग रहा है, तो उसकी किसी भी मांग को मानने से बचें। एक बार मांग मानने पर ब्लैकमेलिंग अक्सर बढ़ जाती है।
सभी सबूत सुरक्षित रखें
चैट, स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया प्रोफाइल संबंधी सभी जानकारी सुरक्षित रखें। घबराहट में कुछ भी डिलीट न करें। ये सबूत पुलिस शिकायत और अदालती कार्यवाही में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होते हैं।
तुरंत शिकायत दर्ज कराएं
ब्लैकमेलिंग की धमकी मिलते ही तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। घटना की पूरी जानकारी, तारीख, समय और उपलब्ध सबूत के साथ शिकायत दर्ज कराएं।
निजी जानकारी किसी से साझा न करें
अनजान या नए संपर्क वाले व्यक्ति के साथ निजी फोटो, वीडियो, बैंक डिटेल्स या अन्य संवेदनशील जानकारी कभी साझा न करें। सोशल मीडिया पर हर प्रोफाइल विश्वसनीय नहीं होती।
जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाह लें
यदि मामला गंभीर है और आपकी प्रतिष्ठा, करियर या व्यक्तिगत जीवन प्रभावित होने की आशंका है, तो तुरंत किसी अनुभवी अधिवक्ता से व्यक्तिगत सलाह लें। वे आपके मामले के आधार पर उचित कानूनी उपाय बता सकेंगे।