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Mandi: 256 सेंसर बताएंगे दिमाग की पूरी कहानी, मस्तिष्क शोध को नई दिशा दे रही 256 चैनल ईईजी
Ankesh Dogra
Updated Fri, 12 Jun 2026 09:38 AM IST
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आपके दिमाग में क्या चल रहा है उसे पढ़ने के लिए अब 256 चैनल वाली ईईजी (इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी) मशीन बाजार में आ चुकी है। इस मशीन को आइआइटी मंडी में प्रदर्शित किया गया है ताकि यहां के प्रशिक्षुओं को इससे सीखने को मिल सके और वह भी इस दिशा में भविष्य के लिए अनुसंधान कर सकें। विदेश से इम्पोर्ट होने वाली इस मशीन की मदद से दिमाग की गतिविधियों का पहले की तुलना में कहीं अधिक सटीक और विस्तृत अध्ययन हो पा रहा है। यह तकनीक न्यूरोसाइंस, दिमागी विकारों के निदान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कंपनी की तरफ से मशीन को प्रदर्शन करने आए अश्वनी राव ने बताया कि वर्तमान में अस्पतालों और शोध संस्थानों में प्रायः 8, 16, 32 चैनल वाले ईईजी सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इन उपकरणों से मस्तिष्क के सीमित हिस्सों की गतिविधियों का ही पता चल पाता है। जबकि 256 चैनल ईईजी में पूरे सिर पर बड़ी संख्या में सेंसर लगाए जाते हैं, जिससे मस्तिष्क के लगभग प्रत्येक हिस्से की विद्युत गतिविधियों की रिकॉर्डिंग संभव हो जाती है। इससे शोधकर्ताओं को दिमागी तरंगों की सूक्ष्म से सूक्ष्म जानकारी प्राप्त होती है और गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध हो जाती है। अश्वनी राव ने बताया कि यह ईईजी मिर्गी, ब्रेन ट्यूमर, नींद संबंधी विकारों, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों और संज्ञानात्मक गतिविधियों पर होने वाले शोध में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो रही है। अधिक चैनलों के कारण मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों के बीच होने वाले संचार और उनकी कार्यप्रणाली का विश्लेषण अधिक सटीकता से किया जा सकता है। इससे शोधकर्ताओं को मस्तिष्क की जटिल संरचना और कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल रही है। 256 चैनल ईईजी प्रणाली सलाइन आधारित तकनीक पर कार्य करती है, जिससे परीक्षण की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान और अधिक प्रभावी हो जाती है। यह प्रणाली उच्च गुणवत्ता वाले डेटा संग्रहण के साथ रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा भी प्रदान करती है। शोध के दौरान प्राप्त आंकड़ों का उपयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग आधारित विश्लेषण में भी किया जा सकता है। बताया कि पहले मुल्तानी मिट्टी से ईईटी करते थे, लेकिन अब स्लाइम बेस तकनीक आई है।
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