भागवत कथा के बैनरों में फोटो नहीं लगाने से शुरू हुआ पारिवारिक विवाद मंगलवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के छान गांव में 4 बीघा जमीन को लेकर चल रहे विवाद में एक ही परिवार के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। राजीनामा बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी और ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इसमें 14 वर्षीय बालिका और 24 वर्षीय युवक गोली लगने से घायल हो गए, जबकि कई अन्य लोग मारपीट में घायल हुए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में आयोजित भागवत कथा के लिए लगाए गए बैनरों में परिवार के कुछ लोगों की फोटो नहीं लगाई गई थी। इसी बात को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। उस समय समाज की पंचायत ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया था और किसी पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
घायल पक्ष के जितेंद्र तोमर ने आरोप लगाया कि मंगलवार को समाज के लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा होना था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग हथियार, लाठी-डंडे लेकर पहुंचे और अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि केशव तोमर, अरुण तोमर, अरविंद तोमर, सतेंद्र तोमर, रविंद्र तोमर, विकास तोमर, लखन तोमर, चतुर सिंह, माखन, इंद्रपाल और रणवीर तोमर ने कट्टा और पिस्टल से फायरिंग की। फायरिंग में वीरेंद्र तोमर के हाथ में गोली लगी, जबकि मनीषा सोलंकी भी गोली लगने से घायल हो गई। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की गई, जिससे कई लोग घायल हुए।
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जितेंद्र तोमर ने बताया कि घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। आरोप है कि दो आरोपी बाद में करैरा पहुंचे और जब उसका भाई घायल मनीषा को देखने अस्पताल जा रहा था, तब उस पर भी पत्थर से हमला किया गया। घटना के बाद सभी घायलों को करैरा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से गंभीर रूप से घायल मनीषा सोलंकी को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद सामने आया है। कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।