UN Blacklist: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इस्राइल और रूस पर यौन हिंसा के आरोप, पहली बार ब्लैकलिस्ट में नाम
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने दुनिया की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। पहली बार इस्राइली और रूसी बलों पर संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा के आरोप लगाते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया है। इस फैसले से भड़के इस्राइल ने संयुक्त राष्ट्र को भ्रष्ट और राजनीतिक संगठन बताते हुए महासचिव गुटेरेस से संबंध तोड़ दिए।
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र (UN) की ओर से जारी होने वाली वार्षिक रिपोर्ट में इस बार इस्राइल और रूस की सेनाओं को पहली बार संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा के आरोपों के चलते ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया है। यह रिपोर्ट शुक्रवार को औपचारिक रूप से जारी होने से पहले गुरुवार देर रात सामने आई। करीब 35 पन्नों की इस रिपोर्ट में दुनिया के 12 देशों के 77 सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों का उल्लेख किया गया है, जिन पर युद्ध और संघर्ष के दौरान यौन हिंसा में शामिल होने या जिम्मेदार होने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में ऐसे मामलों में पिछले साल की तुलना में तेज वृद्धि दर्ज की गई।
गाजा और वेस्ट बैंक में गंभीर आरोप
रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र ने इस्राइल और कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्रों में हिरासत में रखे गए लोगों के खिलाफ यौन हिंसा के पैटर्न दर्ज किए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने गाजा और वेस्ट बैंक से जुड़े कई मामलों की पुष्टि भी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 14 पुरुषों, 7 महिलाओं, 9 लड़कों और 1 लड़की के साथ यौन हिंसा की घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, जननांगों पर हमला, जबरन नग्न करना, बिना सुरक्षा कारणों के तलाशी और दुष्कर्म की धमकियां जैसे आरोप शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने दावा किया कि कुछ मामलों में इस्राइल डिफेंस फोर्स, जेल सेवा, विशेष बलों और पुलिस इकाइयों के सदस्यों पर सीधे आरोप लगे हैं।
UN पर भड़का इस्राइल; गुटेरेस से तोड़े संबंध
इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे राजनीतिक और भ्रष्ट संगठन करार दिया। साथ ही कहा कि संयुक्त राष्ट्र लंबे समय से इस्राइल को निशाना बना रहा है। इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा बयान जारी कर कहा कि संयुक्त राष्ट्र की यह कार्रवाई पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यह फैसला हमास द्वारा किए गए वास्तविक यौन अपराधों और इस्राइल के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बीच झूठी समानता पैदा करने की कोशिश है।
गुटेरेस पर लगाए गंभीर आरोप
इस्राइल ने इस मुद्दे पर सीधे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को भी निशाने पर लिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि गुटेरेस अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में बेबुनियाद आरोप गढ़ने का काम कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, यही गुटेरेस हैं जिन्होंने 7 अक्तूबर 2023 को हुए हमास हमले को संदर्भित करने की कोशिश की थी और संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों की कथित संलिप्तता को छिपाया था। अब वे बिना किसी तथ्य के इस्राइल पर आरोप लगा रहे हैं। इस्राइल ने दावा किया कि उसने सभी आरोपों का पूरी तरह और स्पष्ट रूप से खंडन किया है।
UN महासचिव कार्यालय से संबंध खत्म
इस विवाद के बीच इस्राइल ने बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की कि नए महासचिव की नियुक्ति तक वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव कार्यालय के साथ सभी आधिकारिक संबंध समाप्त कर रहा है। इसे संयुक्त राष्ट्र और इस्राइल के रिश्तों में बड़ा तनाव माना जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के राजदूत डैनी डैनन ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस्राइल को ब्लैकलिस्ट में डालना और हम पर युद्ध के हथियार के रूप में यौन हिंसा इस्तेमाल करने का आरोप लगाना बेहद शर्मनाक फैसला है। उन्होंने आगे कहा अब हमारा इस महासचिव से कोई संबंध नहीं बचा है।
रूस भी पहली बार ब्लैकलिस्ट में शामिल
रूस की सेना और सुरक्षा बलों को भी पहली बार इस सूची में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि यूक्रेन युद्ध के दौरान युद्धबंदियों और नागरिक बंदियों के साथ यौन हिंसा की गई। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, रूस और उसके कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में 310 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें ज्यादातर पीड़ित पुरुष बताए गए हैं। हालांकि रूस ने भी इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह राजनीतिक एजेंडा का हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने कहा कि रूस भी यूक्रेन द्वारा रूसी युद्धबंदियों के साथ किए गए व्यवहार पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
हमास पर भी बरकरार रहे आरोप
रिपोर्ट में हमास का नाम भी शामिल है। 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर हुए हमले के बाद हमास पहले से ही संयुक्त राष्ट्र की ब्लैकलिस्ट में मौजूद है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इस्राइल द्वारा जांच के लिए पर्याप्त पहुंच नहीं दिए जाने के कारण कई मामलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
बढ़ती चिंता के बीच UN की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पिछले वर्ष ही इस्राइल और रूस को चेतावनी दी थी कि यदि आरोपों की पुष्टि हुई तो उन्हें ब्लैकलिस्ट में डाला जा सकता है। अब इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।